Geeta Jayanti 2025 : पानीपत में गूँजा गीता का स्वर : श्लोक, शंखनाद और संस्कृति का संगम

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Geeta Jayanti 2025 : पानीपत में गूँजा गीता का स्वर : श्लोक, शंखनाद और संस्कृति का संगम
Geeta Jayanti 2025 : पानीपत में गूँजा गीता का स्वर : श्लोक, शंखनाद और संस्कृति का संगम
  • भगवद गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का है पथ प्रदर्शक : शहरी विधायक प्रमोद विज
  • ऐसे महोत्सव हमें हमारी जड़ों से जोड़ते: दुष्यंत भट्ट
  • गीता हमें नि:स्वार्थ कर्म, संयम और धैर्य का पाठ पढ़ाती: एसडीएम मनदीप कुमार
  • चुनौतियों से निडर होकर सामना करने की शक्ति देती गीता: हरपाल ढांडा

Geeta Jayanti 2025, (आज समाज), पानीपत : आर्य खेल परिसर में शनिवार को जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय गीता महोत्सव के दूसरे दिन का माहौल पूर्णत: आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा। मंच से गीता के श्लोकों का शुद्ध उच्चारण होता रहा, कहीं शंखनाद गूँज रहा था तो वहीं स्कूली विद्यार्थियों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। पूरे आयोजन में प्रत्येक व्यक्ति का उत्साह देखते ही बन रहा था।

गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का पथप्रदर्शक

कार्यक्रम का शुभारंभ हवन से किया गया, जिसमें पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज, जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, एसडीएम मनदीप कुमार, सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने आहुति डाली। विधायक प्रमोद विज ने गीता के महत्व पर बोलते हुए कहा की भगवद गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का पथप्रदर्शक है। यह हमें कर्तव्य, साहस और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। आज के समय में गीता का प्रत्येक श्लोक मानवता को दिशा देने की क्षमता रखता है।

Geeta Jayanti 2025 : पानीपत में गूँजा गीता का स्वर : श्लोक, शंखनाद और संस्कृति का संगम

गीता का अध्ययन व्यक्ति के जीवन में संतुलन और सकारात्मकता लाता

जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट ने गीता महोत्सव की सार्थकता पर प्रकाश डालते हुए कहा की गीता के संदेश कालातीत हैं। ऐसे महोत्सव हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं, और समाज में नैतिकता व सदाचार को बढ़ावा देते हैं। गीता का अध्ययन व्यक्ति के जीवन में संतुलन और सकारात्मकता लाता है।

गीता चुनौतियों से निडर होकर सामना करने की शक्ति देती

शिक्षा मंत्री के भाई हरपाल ढांडा ने गीता की आवश्यकता पर बोलते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में गीता अत्यंत आवश्यक है। यह मन को शांत रखने, निर्णय क्षमता को मजबूत बनाने और चुनौतियों से निडर होकर सामना करने की शक्ति देती है। एसडीएम मनदीप सिंह ने गीता के उपदेशों का महत्व बताते हुए कहा कि गीता हमें नि:स्वार्थ कर्म, संयम और धैर्य का पाठ पढ़ाती है। यदि मनुष्य गीता के उपदेशों को जीवन में उतार ले, तो उसका मार्ग स्वयं ही प्रदीप्त हो जाता है।

कार्यक्रम की झलकियां

  • स्कूलों के बच्चों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों ने नृत्य, नाटक और भक्ति भाव से भरी प्रस्तुतियों के माध्यम से गीता के संदेशों को सुंदर रूप में व्यक्त किया।
  • आयोजन स्थल पर बनाया गया गीता के सन्देश वाला अर्जुन कृष्ण का रथ लोगों के आकर्षण का संदेश दे रहा था।
  • कार्यक्रम स्थल पर बनाई गई सेल्फी प्वाइंट का बड़ी संख्या में लुफ्त उठाया। महिलाओ व बच्चों की सेल्फी प्वाइंट पर हाजरी अच्छी खासी रही।
ये रहे मौजूद

डीपीआरओ डॉ. सुनील बसताडा ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाते हैं। इस अवसर पर डीईओ राकेश बूरा, सीडब्ल्यूसी चेयरमैन केदार शर्मा, रविंद्र सैनी, सुनील वत्स, मास्टर मुकेश सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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