Foreign Exchange Reserves : देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 392 मिलियन डॉलर की वृद्धि

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Foreign Exchange Reserves : देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 392 मिलियन डॉलर की वृद्धि
Foreign Exchange Reserves : देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 392 मिलियन डॉलर की वृद्धि

आरबीआई द्वारा जारी आंकड़ों के अुनसार यह 687.19 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया

Foreign Exchange Reserves (आज समाज), बिजनेस डेस्क : पिछले सप्ताह के निराशाजनक आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए भारत के विदेश मुद्रा भंडार में इस सप्ताह शानदार वापसी हुई है। आरबीआई द्वारा जारी किए गए आंकड़ों की बात करें तो 9 जनवरी, 2025 को समाप्त रिपोर्टिंग सप्ताह के दौरान, भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 392 मिलियन डॉलर की वृद्धि के साथ 687.19 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है।

फॉरेक्स रिजर्व में यह रिकवरी पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह की तुलना में महत्वपूर्ण है, जब विदेशी मुद्रा भंडार के कुल किटी में 9.809 अरब डॉलर की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। ताजा आंकड़ों से संकेत मिलता है कि वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच भारत की बाहरी मोर्चे पर आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है।

देश के स्वर्ण भंडार में भी हुआ इजाफा

इस सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में हुई वृद्धि का प्राथमिक कारण स्वर्ण भंडार के मूल्य में आया उछाल रहा। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान देश के स्वर्ण भंडार का मूल्य 1.568 अरब डॉलर बढ़कर 112.83 अरब डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। सोने के मूल्यांकन में इस वृद्धि ने अन्य घटकों में हुई कमी की भरपाई करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भंडार के सबसे बड़े घटक, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में इस सप्ताह गिरावट देखी गई।

फॉरेक्स रिजर्व बढ़ने के क्या मायने

687 अरब डॉलर से अधिक का मुद्रा भंडार भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत ‘बफर’ का काम करता है। यह न केवल भारतीय रुपये को वैश्विक बाजार की अस्थिरता से सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि देश की आयात क्षमता को भी सुनिश्चित करता है। सोने के भंडार का मूल्य बढ़ना यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में सुधार हुआ है, जो केंद्रीय बैंक की परिसंपत्तियों के विविधीकरण की रणनीति को मजबूती प्रदान करता है। हालांकि, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में आई कमी यह संकेत देती है कि अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में डॉलर की चाल और मूल्यांकन का प्रभाव अभी भी बना हुआ है।

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