Chinese President Jinping : चीनी राष्ट्रपति ने अपने हाथ लिया सेना का कंट्रोल

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Chinese President Jinping : चीनी राष्ट्रपति ने अपने हाथ लिया सेना का कंट्रोल
Chinese President Jinping : चीनी राष्ट्रपति ने अपने हाथ लिया सेना का कंट्रोल

शी जिनपिंग ने जनरल झांग योउश्या को किया किनारे, पीएलए में पिछले कई दशक का सबसे बड़ा परिवर्तन

Chinese President Jinping (आज समाज), बिजिंग : चीन के राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी प्रमुख शी जिनपिंग ने एक बार फिर से न केवल चीन बल्कि दुनिया के अन्य देशों को भी हैरानी में डाल दिया है। इस बार जो उन्होंने हैरानीजनक फैसला लिया है। वह किसी दूसरे देश के विरुद्ध नहीं बल्कि अपने ही देश की सेना को लेकर लिया है।

दरअसल शी जिनपिंग ने अपने सबसे भरोसेमंद सैन्य सहयोगी और देश के सर्वोच्च सक्रिय जनरल झांग योउश्या को किनारे करते हुए सेना के आॅपरेशनल कंट्रोल को लगभग पूरी तरह अपने हाथों में समेट लिया है। इससे न केवल सेना पर जनरल का नियंत्रण कम हो गया है बल्कि जांच के दायरे में लाकर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की शीर्ष संरचना को हिला दिया है।

37 साल बाद चीन सैन्य नेतृत्व में बड़ा बदलाव

अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के मुताबिक यह 1989 के तियान आनमेन स्क्वायर के बाद चीनी सैन्य नेतृत्व में सबसे बड़ा बदलाव है। कुछ सेवानिवृत्त चीनी सैन्य अधिकारियों और सुरक्षा विश्लेषकों का दावा है कि यह कार्रवाई केवल भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं, बल्कि सेना के भीतर संभावित असंतोष और नेतृत्व को लेकर उभर रही चुनौती को कुचलने की व्यापक कोशिश का हिस्सा भी हो सकती है।

शी जिनपिंग के निर्णय के पीछे यह कारण भी

चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि जनरल झांग पर पार्टी अनुशासन और राज्य कानूनों के गंभीर उल्लंघन के आरोपों की जांच की जा रही है। झांग सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष थे और व्यावहारिक रूप से पीएलए के सर्वोच्च सक्रिय कमांडर माने जाते थे। वे 24 सदस्यीय पोलित ब्यूरो का भी हिस्सा थे जो चीन की सर्वोच्च सत्ता संरचना है। ज्ञात रहे कि झांग योउश्या उन गिने-चुने पीएलए अधिकारियों में शामिल हैं जिनके पास वास्तविक युद्ध अनुभव है।

उन्होंने 1979 में वियतनाम के खिलाफ चीन के युद्ध में हिस्सा लिया था। उनका पारिवारिक बैकग्राउंड भी असाधारण रहा है। उनके पिता चीनी कम्युनिस्ट क्रांति के संस्थापक जनरलों में से थे और शी जिनपिंग के पिता के साथ गृहयुद्ध में लड़े थे। इसी साझा क्रांतिकारी विरासत के कारण झांग को लंबे समय तक शी का सबसे भरोसेमंद सैन्य स्तंभ माना जाता रहा।

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