Punjab News : टैक्स चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी : चीमा

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Punjab News : टैक्स चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी : चीमा
Punjab News : टैक्स चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी : चीमा

कहा, प्री-जीएसटी बकायों की वसूली के लिए पंजाब सरकार ने 91.10 करोड़ की 136 संपत्तियां अटैच कीं

Punjab News  (आज समाज), चंडीगढ़ : पंजाब के वित्त, आबकारी और कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एक बार फिर से दोहराया है कि प्रदेश सरकार उद्योगपतियों की हर समस्या को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि इसके साथ ही उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि वे अपने टैक्स इमानदारी से चुकाते रहें ताकि प्रदेश के विकास में वे अपनी भूमिका निभा सकें।

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार व्यापार की सुविधा और सख्त टैक्स अनुपालन (टैक्स नियमों की पालना) के बीच मजबूती से संतुलन बनाए रख रही है, जिसके चलते पंजाब कर विभाग ने जीएसटी व्यवस्था से पहले के कर बकायों की वसूली के लिए एक बड़ी मुहिम के तहत 91.10 करोड़ रुपये की 136 संपत्तियां अटैच की हैं। उन्होंने कहा कि जहां सरकार ने व्यापारियों को पुराने बकाये चुकाने में मदद करने के लिए एक बहुत ही लाभदायक एकमुश्त निपटान योजना की अवधि बढ़ाई है, वहीं लगातार डिफॉल्टर रहने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा रही है।

उद्योग अनुकूल माहौल सृजत कर रही सरकार

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार परेशानी-रहित और अनुकूल व्यापारिक माहौल सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी कारण हमने एकमुश्त निपटान योजना की अवधि बढ़ाई है, जो व्यापारियों को जीएसटी व्यवस्था से पहले के उनके बकायों का सुगम माहौल में निपटान करने के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान करती है। आबकारी और कर मंत्री ने आगे कहा कि हालांकि, जानबूझकर की गई कर चोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

91 करोड़ रुपए से अधिक की 136 संपत्तियों को अटैच करना एक स्पष्ट संदेश देता है कि कर विभाग बड़े डिफॉल्टरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। मैं सभी संबंधित व्यापारियों से जोरदार अपील करता हूं कि वे अपने बकाये का निपटान करें और अपनी संपत्तियों को आगामी नीलामी से बचाने के लिए एकमुश्त निपटान योजना का तुरंत लाभ उठाएं।ह्व

सरकार द्वारा की कार्रवाई का दिया ब्यौरा

18 फरवरी, 2026 तक बकायों के विवरण के बारे में आधिकारिक आंकड़े साझा करते हुए, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया, विभाग ने विभिन्न अधिकार क्षेत्रों में कुल 136 संपत्तियां अटैच की हैं जिनकी कीमत 91.10 करोड़ रुपये है। इसमें प्राथमिक जिलों में स्थित 50.58 करोड़ रुपये की 78 संपत्तियां, और अन्य जिलों, राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित 40.52 करोड़ रुपये की अन्य 58 संपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ संपत्तियों की पहले ही नीलामी की जा चुकी है, जिसके परिणामस्वरूप 15.27 करोड़ रुपये की वसूली हुई है।

उन्होंने आगे बताया कि मुख्य कार्यालय ने 33.77 करोड़ रुपये की 35 संपत्तियों को बेचने की पहले ही अनुमति दे दी है। इन मंजूरशुदा मामलों में से, 13.68 करोड़ रुपये की 21 संपत्तियों की नीलामी की अंतिम तिथियां तय कर दी गई हैं। जिला अधिकारियों द्वारा भी अपने स्तर पर 16.42 करोड़ रुपये की अन्य 15 संपत्तियों की नीलामी की कार्रवाई शुरू की गई है, जिनकी बिक्री के लिए औपचारिक अनुमति फिलहाल प्रक्रिया अधीन है।