US-Iran Conflict : मध्य-पूर्व एशिया में हलचल तेज

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US-Iran Conflict : मध्य-पूर्व एशिया में हलचल तेज
US-Iran Conflict : मध्य-पूर्व एशिया में हलचल तेज

ईरान की सीमाओं को चारों तरफ से अमेरिका ने घेरा, दोनों देशों में चरम पर पहुंचा तनाव

US-Iran Conflict (आज समाज), नई दिल्ली : मध्य-पूर्व की स्थिति लगातार बदल रही है। ईरान और अमेरिका में तनाव चरम पर है। हालांकि दोनों में वार्ता का दौर जारी है लेकिन अमेरिका किसी भी पल ईरान पर हमला बोल सकता है। अमेरिका द्वारा बड़ी कार्रवाई का अंदेशा इस बात से भी बढ़ गया है कि यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट आॅफ स्टेट ने सोमवार को आदेश जारी कर बेरूत स्थित अमेरिकी दूतावास से गैर-जरूरी राजनयिकों और उनके परिवारों को लेबनान छोड़ने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से जारी ट्रैवल अलर्ट में कहा गया है कि बेरूत की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। दूतावास में अब केवल आवश्यक कर्मी ही तैनात रहेंगे और उनके देश के भीतर आवागमन पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी

गौरतलब है कि भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी सोमवार को एक एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों को किसी भी तरीके से तुरंत ईरान से निकलने की सलाह दी है। इससे पहले विदेश मंत्रालय ने 14 जनवरी को भी एडवाइजरी जारी कर सभी नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी थी। विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी में ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों से कहा कि वे सावधानी बरतें, प्रदर्शन वाली जगह जानें से बचें और भारतीय दूतावास के संपर्क में रहे।

दोनों के बीच गुरुवार को होनी है वार्ता

दोनों के बीच गुरुवार को एक बार फिर से जिनेवा में बातचीत होगी। ज्ञात रहे कि इससे पहले 18 फरवरी को ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर जिनेवा में बातचीत हुई थी। मंगलवार को हुई यह मुलाकात परमाणु मुद्दे पर दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की बातचीत थी। जिनेवा में ईरान-अमेरिका की परोक्ष वार्ता 3 घंटे चली, जिसमें कोई नतीजा नहीं निकला।

ओमान के विदेश मंत्री ने की पुष्टि

ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी ने रविवार को इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि वार्ता को अंतिम समझौते की दिशा में सकारात्मक पहल माना जा रहा है। ईरान के वरिष्ठ कूटनीतिज्ञ अब्बास अराघची ने भी उम्मीद जताई कि गुरुवार को अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ से मुलाकात होगी और राजनयिक समाधान की अच्छी संभावना बनी हुई है।

ईरानी यूरेनियम संवर्धन को लेकर विवाद

अमेरिका ईरान के भीतर यूरेनियम संवर्धन को परमाणु हथियारों की दिशा में संभावित कदम मानता है, जबकि ईरान लगातार इससे इनकार करता रहा है और अपने शांतिपूर्ण परमाणु संवर्धन के अधिकार को मान्यता देने की मांग करता है। तेहरान ने जीरो एनरिचमेंट की अमेरिकी मांग को सिरे से खारिज कर दिया है, जो पिछली वातार्ओं में भी सबसे बड़ा विवादास्पद मुद्दा रहा है।

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