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Gehlot Wrote Letter to PM Modi: ममता के बाद गहलोत ने मोदी को लिखी चिट्ठी

आज समाज डिजिटल, जयपुर: 

Gehlot Wrote Letter to PM Modi: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चिट्ठी लिखकर आईएएस सर्विस कैडर की केन्द्र में डेपुटेशन के लिए नियमों में संशोधन का विरोध जता दिया है। गहलोत ने पीएम को लिखे पत्र में कहा है कि संशोधन के बाद केन्द्र सरकार संबंधित अधिकारी और राज्य सरकार की सहमति के बिना ही अफसरों को केन्द्र में डेपुटेशन पर बुला सकेगी।

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आईएएस डेपुटेशन नियम में संशोधन किए जाने का सीएम गहलोत ने किया विरोध Gehlot Wrote Letter to PM Modi

Gehlot Wrote Letter to Modi

आईएएस सर्विस को जन कल्याण, संघवाद की भावना ध्यान में रखकर बनाया गया था। संशोधन से उन टारगेट को हासिल करने की राज्यों की कोशिशों को ठेस लगेगी। गहलोत ने कहा है कि प्रतिनियुक्ति नियमों में प्रस्तावित संशोधन सहकारी संघवाद की भावना के खिलाफ है। गहलोत ने कहा है कि प्रतिनियुक्ति नियमों में प्रस्तावित संशोधन सहकारी संघवाद की भावना के खिलाफ है। इस फैसले से सरदार पटेल की ओर से स्टील फ्रेम आॅफ इंडिया बताई गई सेवाएं भविष्य में कमजोर होंगी। गहलोत ने संशोधन रोकने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा इस संशोधन से केंद्र और राज्य सरकारों के लिए तय संवैधानिक क्षेत्राधिकार का उल्लंघन होगा। राज्य में पोस्टेड आईएएस में निर्भय होकर और निष्ठा के साथ काम करने की भावना में कमी आएगी।

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राज्यों को करना पड़ेगा अधिकारियों की कमी का सामना Gehlot Wrote Letter to PM Modi

गहलोत ने अपने पत्र में देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की ओर से 10 अक्टूबर, 1949 को संविधान सभा में आईएएस सेवा पर हुई बहस के दौरान दिए वक्तव्य का उदाहरण दिया। उसमें उन्हें बिना किसी डर, पक्षपात के अपनी राय रखने की पैरवी की गई थी। इसके बिना भारत अखंड नहीं होने की बात भी कही गई। राज्यों को अधिकारियों की कमी का सामना करना पड़ेगा गहलोत ने कहा है कि आईएएस नियमों में संशोधन को लेकर 20 दिसम्बर, 2021 को केन्द्र सरकार की ओर से पत्र के जरिए राज्यों से सलाह मांगी गई थी।

प्रस्ताव पर सलाह लेने के प्रोसेस के दौरान ही केन्द्र सरकार ने दोबारा एकतरफा संशोधन प्रस्तावित कर 12 जनवरी, 2022 को दोबारा सलाह मांग ली है। यह प्रस्तावित संशोधन अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की डेपुटेशन पोस्टिंग मामले में केंद्र और राज्यों के बीच मौजूदा माहौल को प्रभावित करता है। प्रदेशों को योजनाओं के इम्प्लीमेंटेशन, नीति-बनाने और मॉनिटरिंग में अफसरों की कमी का सामना राज्यों को करना पड़ेगा। गहलोत ने प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर प्रस्तावित संशोधनों पर रोक लगाने की मांग की है।

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