HomeपंजाबUncategorizedस्टार रेसलर बजरंग ने ओलंपिक में जीता ब्रांज

स्टार रेसलर बजरंग ने ओलंपिक में जीता ब्रांज

आज समाज डिजिटल, टोक्यो:
अपने पिता और देश की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए शनिवार को बजरंग पूनिया ने ब्रांज मेडल पर कब्जा जमा लिया। यह मेडल उन्होंने 65 किलोग्राम वर्ग में कजाकिस्तान के दौलत को 8-0 से हराकर जीता। इसके साथ ही उनके गांव झज्जर में जश्न का माहौल छा गया। दूसरी ओर इस जीत पर मुख्यमंत्री ने उन्हें ढाई करोड़ रुपये के साथ साथ पचास गज का प्लाट, सरकारी नौकरी के साथ-साथ एक प्लाट आधे रेट पर देने का ऐलान किया है। उनके खुड्डन गांव में एक इंडोर स्टेडियम बनाया जाएगा। यह घोषणा प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की।

पिता बोले, सीना हो गया चौड़ा
बेटे की जीत से पिता बलवान पूनिया बेहद खुश हैं। उनके पांव जमीन पर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मैंने बोला था कि मेरा बेटा कभी खाली हाथ नहीं आता। उसने मेरी लाज रख ली। मुझे मेरे बेटे पर बहुत गर्व है। उसने मेरा सीना चौड़ा कर दिया। एक महीने पहले उसके घुटने में चोट लग गई थी, फिर भी वह सेमीफाइनल तक पहुंचा, लेकिन चोट की वजह से उस मैच में अटैकिंग नहीं खेल पाया। लेकिन ब्रॉन्ज मेडल के लिए हुए आज के मुकाबले में उसने पूरा जोर लगा दिया और विरोधी पहलवान को स्कोर करने का एक भी मौका नहीं दिया।

जीत के बाद मां हो गई भावुक
बजरंग पूनिया की जीत का ऐलान होते ही उनकी मां ओम प्यारी भावुक हो गईं। उनकी आंखें भर आईं और उन्होंने कहा कि मेरा बेटा है, जो कहता है, करके दिखाता है। आज उसने मेरी और अपने पिता की लाज रख ली। भगवान मेरे बेटे को लंबी उम्र दे और खुश रखे।

नीरज चोपड़ा का परिवार भी था लाइव
यहां यह बात उल्लेखनीय रही कि एथलीट नीरज चोपड़ा का मुकाबला देखने के लिए उनके घर पर लगी एलईडी स्क्रीन पर बजरंग पूनिया का मुकाबला भी दिखाया गया। जैसे ही पहलवान जीते, मौके पर मौजूद लोग खुशी के मारे झूम उठे।

इससे पहले हारे थे सेमीफाइनल
सेमीफाइनल मुकाबले में तीन बार के वर्ल्ड चैंपियन अजरबैजान के पहलवान हाजी एलियेव ने उन्हें 12-5 के अंतर से हराया था। इससे पहले हुए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में बजरंग पूनिया ने ईरान के पहलवान को 2-1 से मात देकर 65 किलोग्राम भार वर्ग में हराया था।

पहले भी नंबर वन थे पूनिया
बजरंग पूनिया किसी भी श्रेणी में दुनिया के नंबर 1 पहलवान बनने वाले पहले भारतीय हैं। इसके अलावा दो विश्व चैंपियनशिप पदक और प्रसिद्ध जर्मन लीग में कुश्ती करने वाले भी पहले भारतीय हैं। हरियाणा के झज्जर जिले के साधारण परिवार से आने वाले बजरंग पूनिया के पास शुरूआत में क्रिकेट और बैडमिंटन के सामान खरीदने के पैसे नहीं होते थे। बजरंग पूनिया का जन्म 26 फरवरी 1994 को हरियाणा के झज्जर गांव में हुआ। इनके पिता का नाम बलवान सिंह पूनिया है। इनके पिता एक पेशेवर पहलवान हैं। इनकी माता का नाम ओम प्यारी है। इनके भाई का नाम हरिंदर पूनिया है। बजरंग को कुश्ती विरासत में मिली। इनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। बजरंग की प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही पूरी हुई।

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