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India’s Chandrayaan-2- ISRO will land on the moon on September 7: चांद पर 7 सितंबर को उतरेगा भारत का चंद्रयान-2- इसरो

नई दिल्ली। भारत ने लगातार जल थल और नभ के साथ ही अंतरिक्ष में भी अपनी क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया है। भारत ने अंतरिक्ष में भी अपना दबदबा कायम रखा है। भारत का मिशन चंद्रयान-2 बहुत ही महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी मिशन है। आज इसी क्रम में बड़ी सफलता भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लिए रही है चंद्रयान-2। इसे मंगलवार को चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया। इस मिशन की सफलता के बाद इसरो चीफ ने कहा कि यह बड़ी उपलब्धि चंद्रयान-2 ने हासिल की है। चंद्रयान-2 की लूनर आॅर्बिट इंसर्शन प्रक्रिया सुबह नौ बजकर दो मिनट पर सफलतापूर्वक पूरी हुई। यह पूरी प्रक्रिया 1,738 सेकेंड की थी और इसके साथ ही चंद्रयान 2 चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हो गया। इसरो प्रमुख ने कहा कि अगली प्रमुख घटना 2 सितंबर को होगी जब लैंडर को आॅर्बिटर से अलग किया जाएगा। 3 सितंबर को हमारे पास लगभग 3 सेकेंड के लिए एक छोटा युद्धाभ्यास होगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लैंडर की प्रणालियां सामान्य रूप से चल रही हैं।

उन्होने बताया कि 7 सितंबर को चंद्रयान-2 सुबह 1:55 बजे चंद्रमा पर उतरेंगे। अंतरिक्ष एजेंसी के बेंगलुरु मुख्यालय ने एक बयान में कहा कि ‘लूनर आॅर्बिट इंसर्शन (एलओआई) प्रक्रिया सुबह नौ बजकर दो मिनट पर सफलतापूर्वक पूरी हुई । प्रणोदन प्रणाली के जरिए इसे संपन्न किया गया। इसरो ने कहा, ” यह पूरी प्रक्रिया 1,738 सेकेंड की थी और इसके साथ ही चंद्रयान2 चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हो गया। इसरो ने कहा कि इसके बाद यान को चंद्रमा की सतह से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर चंद्र ध्रुवों के ऊपर से गुजर रही इसकी अंतिम कक्षा में पहुंचाने के लिए चार और कक्षीय प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जाएगा। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि इसके बाद लैंडर ‘विक्रम दो सितंबर को आॅर्बिटर से अलग हो जाएगा।
इसरो ने कहा कि सात सितंबर को चंद्रमा की सतह पर ‘साॉफ्ट लैंडिंग कराने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले लैंडर संबंधी दो कक्षीय प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जाएगा। बेंगलूरु के नजदीक ब्याललू स्थित इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क (आईडीएसएन) के एंटीना की मदद से बेंगलूरू स्थित ‘इसरो, टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) के मिशन आॅपरेशन्स कांप्लेक्स (एमओएक्स) से यान की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसरो ने कहा कि अगली कक्षीय प्रक्रिया बुधवार को दोपहर साढ़े 12 से डेढ़ बजे के बीच की जाएगी।

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