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चीन ने भेजे फाइटर जेट ताइवान ने खदेड़ा

ताइपे। चीन और ताइवान के बीच तनाव चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स एजार की ताइवान यात्रा के बीच चीन ने अपने लड़ाकू विमानों को ताइवान के हवाई क्षेत्र के काफी अंदर तक भेज दिया। चीन की इस हरकत के बाद ताइवान ने एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइलें दागी और फाइटर जेट भेजे। इसके बाद चीनी फाइटर जेट भाग खड़े हुए। बताया जा रहा है कि चीनी विमानों ने बेहद संवेदनशील ताइवान स्ट्रेट के मेडियन लाइन को कुछ देर के लिए पार कर लिया था। चीन ने यह कार्रवाई ऐसे समय पर की है जब अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री ताइपे की यात्रा पर हैं। चीन ने इस दौरे को लेकर राजनयिक माध्यम से सख्त विरोध दर्ज कराया है। यही नहीं विरोध स्वरूप चीनी लड़ाकू विमानों ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए ताइवान के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की। इस स्व शासित द्वीप (ताइवान) पर करीब चार दशक में किसी उच्च पदस्थ अमेरिकी पदाधिकारी का यह प्रथम दौरा है। एजार ने ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन से मुलाकात के साथ अपना तीन दिवसीय दौरा शुरू किया। अमेरिका के 1979 में राजनयिक मान्यता ताइपे से हटा कर बीजिंग कर दिए जाने के बाद से ताइवान की यात्रा करने वाले एजार सर्वोच्च रैंक के कैबिनेट सदस्य हैं। चीन ताइवान को अपनी मुख्य भूमि का हिस्सा मानता है और ताइवानी नेताओं से किसी उच्च स्तरीय विदेशी प्रतिनिधि की मुलाकात का मुखर विरोध करता रहा है। एजार का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब अमेरिका और चीन के बीच संबंध अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं। उधर, चीन ने कहा कि यह दौरा ‘एक चीन नीति’ के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता का विश्वासघात है। एजार का दौरा 2018 के ताइवान यात्रा अधिनियम से प्रशस्त हुआ है जो वाशिंगटन को दशकों बाद अपना उच्चतर स्तर का अधिकारी भेजने के लिए प्रोत्साहित करता है। ताइवान न्यूज की खबर के मुताबिक त्साई-एजार की बैठक से पहले चीनी लड़ाकू विमानों ने सोमवार को ताइवान जलडमरूमध्य के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की। ताइवान वायुसेना कमान मुख्यालय ने कहा कि चीनी लड़ाकू विमानों के मौखिक चेतावनी को नजरअंदाज करने के बाद ताइवानी लड़ाकू विमानों ने शीघ्र ही उन्हें रोका और उन्हें ताइवान के हवाई क्षेत्र से बाहर निकाला।

हमने अमेरिका के समक्ष सख्त विरोध दर्ज कराया : चीन
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि अमेरिका और ताइवान के बीच आधिकारिक संबंध का चीन सख्त विरोध करता है। उन्होंने कहा, हमने अमेरिका के समक्ष सख्त विरोध दर्ज कराया है। मैं एक बार फिर इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि ताइवान का प्रश्न चीन, अमेरिका संबंधों में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है।  प्रवक्ता ने कहा, एक चीन का सिद्धांत चीन-अमेरिका संबंधों का आधार है। अमेरिका ने जो किया, वह ताइवान से जुड़े मुद्दों पर उसकी प्रतिबद्धता का गंभीर उल्लंघन है।

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