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व्यापारियों और किसानों ने बनाई भारतीय आर्थिक पार्टी

गुरनाम सिंह चढूनी होंगे मुख्यमंत्री पद का चेहरा
दिनेश मौदगिल, लुधियाना: आगामी विधानसभा चुनाव 2022 को देखते हुए एक नया राजनीतिक धमाका हुआ है। व्यापारियों, किसानों और मजदूरों ने मिलकर एक नई पार्टी का ऐलान किया है। इस औद्योगिक नगरी में सोमवार को एक और रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जब कारोबारियों और किसानों ने आपस में हाथ मिलाते हुए सियासत को सिर्फ अपनी विरासत से मिलने वाली सभी राजनीतिक पार्टियों को चुनौती दे डाली। कारोबारियों ने नवगठित राजनीतिक दल भारतीय आर्थिक पार्टी यानी के बीएपी का रस्मी तौर पर ऐलान किया। अखिल भारतीय व्यापार दिवस के अवसर पर यहां आयोजित समारोह में 29 राज्यों के 62 व्यापारी नेताओं ने इस समारोह में भाग लिया । उन्होंने एकजुटता दिखाते हुए बीएपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तरुण जैन बावा का नैतिक समर्थन किया। मिशन पंजाब 2022 के लिए पार्टी ने धमाकेदार एंट्री के साथ वरिष्ठ किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी भी अपनी यूनियन के पदाधिकारियों के साथ अपने मंच पर बुलाया। इस दौरान पार्टी अध्यक्ष बावा ने ऐलान किया कि छोटे से बड़े कारोबारियों और मजदूरों के अलावा देश की शान किसान भी पंजाब के अगले विधानसभा चुनाव में एकजुट होकर सभी पार्टियों को चुनौती देंगे , ताकि केंद्र और राज्य सरकारों की व्यापारी, किसान और मजदूर विरोधी नीतियों की मुखालफत करने के साथ उनको सत्ता से भी बेदखल करने की राष्ट्रव्यापी मुहिम को सिरे चढ़ाया जा सके। व्यापारी नेताओं के अलावा किसान नेता चढूनी ने भी आरोप लगाया कि हमेशा से कारोबारियों मजदूरों से लेकर किसानों तक समाज के इन महत्वपूर्ण वर्गों की अनदेखी होती रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारों की तरह ही पंजाब सरकार ने भी एक मंच पर आए इन वर्गों के लिए कुछ खास नहीं किया, जबकि भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा व्यापारियों, किसानों और मजदूरों को हमेशा उपेक्षित कर उनका शोषण ही किया गया। लिहाजा पंजाब सहित दूसरे राज्यों के विधानसभा चुनाव में भारतीय आर्थिक पार्टी अपनी राजनीतिक उपस्थिति प्रभावी तरीके से दर्ज कराने के बाद लोकसभा चुनाव में भी हिस्सा लेगी।

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