
कहा, दुश्मनों ने पंजाब का भाई-चारा तोड़ने के लिए बम-एके-47 चलाया, लेकिन आपसी सौहार्द और भाईचारा खत्म नहीं कर पाए
Punjab News Update (आज समाज), जालंधर : पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने एक बार फिर से पंजाब के आपसी भाईचारे और सौहार्द की मिसाल देते हुए कहा कि यहां की धरती को गुरुओं, पीरों और संतों का आर्शीवाद प्राप्त है। यही कारण है कि सदियों से दुश्मनों ने इसपर हमले किए लेकिन यहां का आपसी प्रेम और भाईचारा कभी हिला नहीं।
सीएम जालंधर के डेरा सचखंड बल्लां में श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र का नींव पत्थर रखने के अवसर पर बोल रहे थे। इस पवित्र मौके पर डेरा सचखंड बल्लां के पद्म श्री संत निरंजन दास जी, बाल नाथ आश्रम के संत प्रगट नाथ जी, कठार के संत परदीप दास जी, संत तेजा सिंह जी, संत निर्मल दास जी जौड़े वाले, संत लेख राज जी और अन्य प्रमुख शख्सियतें मौजूद थी।
कुल 37 करोड़ रुपए की लागत आएगी खर्च
श्री गुरु रविदास जी महाराज के महान जीवन, दर्शन और पवित्र बाणी के अध्ययन के लिए प्रतिष्ठित संस्था के रूप में विकसित किया जा रहा यह केंद्र 10.4 एकड़ रकबे में बनाया जाएगा। इसकी कुल लागत 37 करोड़ रुपए आएगी, जिसमें से 11 करोड़ रुपए जमीन पर और 60 लाख रुपए जरूरी मंजूरियों पर खर्च किए गए हैं, जबकि इसकी निर्माण के लिए जरूरी सारा खर्च पंजाब सरकार द्वारा उठाया जाएगा।
सेंटर में यह सब कुछ बनेगा
इस केंद्र में एक तीन-मंजिला प्रशासनिक और अध्यापन (एडमिन व टीचिंग) ब्लॉक, लड़के और लड़कियों के लिए तीन-मंजिला होस्टल (हरेक होस्टल में 54 छात्रों के रहने की सुविधा) और अध्यापकों तथा स्टाफ के लिए दो-मंजिला इमारत होगी। यह केंद्र बच्चों, छात्रों और शोधकतार्ओं को श्री गुरु रविदास जी महाराज के जीवन, बाणी, दर्शन और शिक्षाओं का अध्ययन करने के लिए विशेष स्थान प्रदान करेगा और ऐसी शोध को प्रोत्साहित करेगा जो उनके ज्ञान और संदेश के प्रकाश को दुनिया भर में फैलाए।
गुरु रविदास जी के जीवन को समर्पित
यह नींव पत्थर पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित साल भर चलने वाले समारोहों के हिस्से के रूप में रखा गया है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इन समारोहों के तहत 50 मोबाइल वैनें सभी 23 जिलों के 13,000 गांवों में गुरु जी के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं पर डाक्यूमेंट्रियां दिखाने के लिए जा रही हैं, ताकि उनके समानता, मानवता और मान-सत्कार के संदेश को पूरे पंजाब के लोगों तक पहुंचाया जा सके।

