Homeराज्यपंजाबमर्डर केस में सिद्धू बने कैदी, 10 नंबरी मिली बैरक

मर्डर केस में सिद्धू बने कैदी, 10 नंबरी मिली बैरक

आज समाज डिजिटल, Punjab News :
लगभग साढ़े तीन दशक पुराने एक मामले में सिद्धू ने शुक्रवार शाम को पटियाला सेशन कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वहां मेडिकल करवाने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। रोडरेज केस में पटियाला सेंट्रल जेल गए नवजोत सिद्धू जहां उन्हें कैदी नंबर 241383 अलॉट हुआ है। जिसके बाद में उन्हें बैरक नंबर 10 में शिफ्ट कर दिया गया है। इस बैरक में सिद्धू को सीमेंट से बने थड़े पर सोना होगा। सिद्धू को सुप्रीम कोर्ट ने 34 साल पुराने मामले में एक साल बामशक्कत कैद की सजा सुनाई है।

Sidhu Became Prisoner In Murder Case, Got 10 No. Barracks

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शुक्रवार शाम सवा 7 बजे जेल मैनुअल के मुताबिक सिद्धू को दाल-रोटी दी गई। उन्होंने सेहत का हवाला देते हुए खाने से इनकार कर दिया और सिर्फ सलाद और फ्रूट ही खाया। दूसरी ओर सिद्धू के कट्टर विरोधी बिक्रम मजीठिया की बैरक सिद्धू से 500 मीटर दूर है। वह ड्रग्स केस में हवालाती हैं। सिद्धू और मजीठिया की बैरक के बाहर सिक्योरिटी भी तैनात की गई है।

जेल में मिला सिद्धू को यह सामान

सिद्धू को जेल में एक कुर्सी-टेबल, एक अलमारी, 2 पगड़ी, एक कंबल, एक बेड, तीन अंडरवियर और बनियान, 2 टॉवल, एक मच्छरदानी, एक कॉपी-पेन, जूतों की जोड़ी, 2 बेडशीट, दो तकिया कवर और 4 कुर्ते-पायजामे दिए गए हैं। इसके अलावा जेल के भीतर सिद्धू को कैदियों वाले सफेद कपड़े पहनने होंगे।

सिद्धू ने मांगी स्पेशल डाइट

सिद्धू के मीडिया सलाहकार सुरिंदर डल्ला ने कहा कि सिद्धू को गेहूं से एलर्जी है। वह गेहूं की रोटी नहीं खा सकते। लंबे समय से वह रोटी नहीं खा रहे। इसके अलावा सिद्धू को लिवर की प्रॉब्लम है। उनके पैरों में बैल्ट भी बंधी हुई है। इसलिए उन्होंने स्पेशल डाइट मांगी है। इसके बारे में उन्होंने कल मेडिकल के दौरान भी जानकारी दी। सिद्धू ने गुनाह कबूलते हुए कहा – मैं बुद्ध नहीं कि कोई एक गाल पर चांटा मारे, दूसरा आगे कर दूं; जिसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा।

सिद्धू की ऐसे होगी दिनचर्या

सिद्धू का जेल में दिन सुबह साढ़े 5 बजे शुरू हो जाएगा। सुबह 7 बजे चाय के साथ बिस्किट या काले चने दिए जाएंगे। इसके बाद नाश्ते में रोटी और दाल या सब्जी मिलेगी। इसके बाद उन्हें काम करने के लिए फैक्ट्री में ले जाया जाएगा। वहां शाम साढ़े 5 बजे उनकी छुट्टी होगी। शाम 6 बजे उन्हें रात का खाना मिलेगा। रात 7 बजे उन्हें बैरक में बंद कर दिया जाएगा।

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जेल प्रशासन ने सिद्धू से कहा कि वे कोई भी 5 नंबर दे सकते हैं। जेल में बंद कैदी को जेल प्रशासन ने फोन करने की सुविधा दे रखी है। परंतु दिए गए नंबरों के अलावा किसी भी अन्य नंबर काल करने की सुविधा नहीं होती, क्योंकि वही नंबर रिकॉर्ड में रखे जाते हैं। कैदी उन्हीं को फोन कर सकता है, जिनके नंबर वह जेल प्रशासन को देता है।

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