Homeराज्यपंजाबप्राचीन रणीके शिव मंदिर पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

प्राचीन रणीके शिव मंदिर पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

  • प्राचीन रणीके शिव मंदिर समिति के प्रधान पद्मश्री रजिन्दर गुप्ता ने मुख्यमंत्री मान का किया अभिनंदन
  • देश के भूतपूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न गुलजारी लाल नंदा भी नतमस्तक हो चुके हैं प्राचीन रणीके शिव मंदिर में

अखिलेश बंसल, बरनाला

पंजाब के मुख्यमंत्री बनने के बाद भगवंत सिंह मान 5 हज़ार साल प्राचीन द्वापर युग में निर्मित श्री रणकेश्वर (रणीके) मंदिर में नत्मस्तक हुए हैं। जिनका गद्दीनशीन महंत श्री हरदेव गिरी जी महाराज और ट्राइडेंट उद्योग समूह के चेयरमैन एवं मंदिर समिति के प्रधान पद्मश्री रजिन्दर गुप्ता ने अभिनंदन किया। उनके हाथों मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर जल अर्पित किया एवं पूजा अर्चना करवायी गई।

मंदिर के नवीनीकरण के लिए पद्मश्री गुप्ता को दी बधाई

ज़िक्रयोग्य है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पहले भी कई बार मंदिर में नत्मस्तक हो चुके हैं, परन्तु मंदिर प्रति अथाह श्रद्धा के चलते मुख्यमंत्री बनने के बाद मान पहली बार मंदिर पहुंचे थे।

मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं से बात करते मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा यहाँ आकर मुझे मन को बेहद शांति मिली है और मंदिर का पुनर निर्माण होता देख कर अत्यन्त खुशी हुई है। मंदिर के हो रहे नवीनीकरण के लिए भगवंत मान ने पद्मश्री राजिंदर गुप्ता को बधाई दी।

पंजाब दोबारा बनेगा जल्द ही रंगीन

श्री रणकेशवर महांदेव मंदिर रणीके में माथा टेकण के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वह मतदान से पहले भी यहां माथा टेकने पहुंचे थे। उन्होंने ईश्वर आगे अरदास की है कि जो हमारी पार्टी को जो ताकत बख्शी है और जो शक्ति हमारे हाथ में दी है वह हमेशा ज़रूरतमंदों के भले के लिए इस्तेमाल हो सके।

Punjab CM Bhagwant Singh Mann Reached Ranike Shiv temple

जो प्रदर्शनकारी प्रदर्शन कर रहे हैं, उनसे कुछ समय इंतजार करने की अपील है। कहा कि हमें थोड़ा सा समय दो सभी समस्याओं का समाधान कर लिया जायेगा। उन्होंने कहा पंजाब को जल्द ही दोबारा रंगीन पंजाब बनाया जाएगा।

मंदिर का प्रबंधन कर रहा ट्राइडेंट ग्रुप

इस मौके पर मंदिर समिति के प्रबंधक पद्मश्री रजिन्दर गुप्ता ने बताया कि मंदिर निर्माण में लोहे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। हर साल महाशिवरात्रि के मौके पर यहां भारी मेला लगता है।

लाखों लोग अपनी श्रद्धा के फूल भगवान शिव को भेंट करते हैं। मंदिर का प्रबंधन ट्राइडेंट ग्रुप की तरफ से किया जा रहा है। इस मौके पर उनके साथ ट्राइडेंट ग्रुप के अधिकारी रुपिन्दर गुप्ता के इलावा कई सरकारी, गैर सरकारी अधिकारी तथा समाजसेवी एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

भारत रत्न गुलजारी लाल नंदा भी हो चुके हैं नत्मस्तक

गौरतलब है कि श्री रणकेश्वर धाम के नाम से जाने जाते इस प्राचीन रणीके शिव मंदिर में कई वर्ष पहले भारत देश के प्रधानमंत्री रहे भारत रत्न गुलजारी लाल नंदा भी अपने प्रिय परम मित्र ब्रह्मचारी रौशन लाल कपिल जी के साथ नतमस्तक हो चुके हैं। जो कि बरनाला के ही रहने वाले थे।

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