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डीसी परिसर के बाथरूम से मृतक मिले पटवारी की मौत वर्कलोड से हुई……..? Patwari Hardeep Singh Pandori’s Death

अखिलेश बंसल, बरनाला:
Patwari Hardeep Singh Pandori’s Death: जिला के डिप्टी कमिश्नर परिसर के बाथरूम से मिले 30 वर्षीय पटवारी हरदीप सिंह पंडोरी की मौत काम के प्रेशर से हुई, मानसिक दबाव से हुई या दिल का दौरा पड़ने से हुई, इस संबंधित किसी भी कारण का खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन जिला माल पटवार विभाग के हालातों के मद्देनजर हर पटवारी पर वर्कलोड बहुत ज्यादा बताया जा रहा है। जिला में 35 पटवारी हैं, 119 पटवारियों की जरूरत है, जबकि फील्ड का वर्कलोड 32 पटवारियों के कंधे पर है।

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बाथरूम में पहुंचते ही चिल्लाया चौकीदार (Patwari Hardeep Singh Pandori’s Death)

पटवारी हरदीप सिंह उर्फ हैप्पी पंडोरी की मौत का एक दिन पहले सोमवार को उस वक्त पता लगा जब डीसी कार्यालय का चौकीदार पहली मंजिल पर अचानक बाथरूम करने जा रहा था। जैसे ही वह बाथरूम के अंदर दाखिल हुआ तो वहां उसने व्यक्ति के सड़े शव को देखा, पहले तो डर गया फिर चिल्ला उठा। उसने तुरंत सिटी थाना-2 को फोन पर सूचना दी। पुलिस के पहुंचने के बाद शव की शिनाख्त पटवारी हरदीप सिंह के तौर पर हुई। उसके परिवार को बुलाया गया। शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में ले जाया गया। पुलिस ने धारा 174 की कार्रवाई करते शव का पोस्टमार्टम करवा शव वारिसों के सुपुर्द कर दिया गया।

तीन दिन से था लापता:(Patwari Hardeep Singh Pandori’s Death)

मृतक पटवारी के परिजनों के मुताबिक हरदीप सिंह तीन दिन से लापता था, लेकिन यद्यपि शव से फैली बदबू को आधार मान लिया जाए तो शुक्रवार को भी डीसी परिसर खुला था। शनिवार व रविवार को अवकाश होने के कारण शव दो से तीन दिन सड़ता रहा। हैरानी इस बात की है कि किसी को इस बारे में भनक तक नहीं लगी। उधर मृतक के परिजनों ने भी किसी पुलिस थाने में सूचना नहीं दी।

वर्कलोड हो सकता है मौत का कारण-यूनियन (Patwari Hardeep Singh Pandori’s Death)

भले ही पुलिस, मृतक पटवारी हरदीप सिंह की मौत के कारणों का पता लगाने में जुट गई है, लेकिन पटवारियों की यूनियन (दी रेवेन्यू पटवार यूनियन) के सचिव राजेश भुटानी कहते हैं कि लंबे समय से पटवारियों की रिक्तियों की संख्या बढ़ती जा रही है, आपूर्ति नहीं होने से हर पटवारी पर तीन गुणा वर्कलोड बढ़ गया है। यदि पुलिस जांच में हरदीप सिंह की मौत का कारण मानसिक दबाव यानी वर्कलोड होना पाया गया तो उसका असर तमाम पटवारियों पर होगा। क्यूंकि जिला में 35 पटवारी हैं, 119 पटवारियों की जरूरत है, जबकि फील्ड का वर्कलोड 32 पटवारियों के कंधे पर है। मृतक पटवारी हरदीप सिंह के परिवार को राहत पहुंचाने के लिए उसकी नौकरी उसकी पत्नी को देने के लिए विभाग एवं सरकार से विनती की गई है।

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