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गुरदासपुर : सावन माह के नाम रही पंजाबी साहित्य सभा की मासिक बैठक

गगन बावा, गुरदासपुर :

पंजाबी साहित्य सभा गुरदासपुर की मासिक बैठक प्रो. कृपाल सिंह योगी की अध्यक्षता में गुरदेव सिंह भुल्लर के आवास पर हुई। रचनाओं के दौर में अधिकांश रचनाएं सावन माह के नाम रहीं। प्रीत राणा ने “आया सावन महीना नी सइयो ” से शुरूआत की। हरपाल बैंस ने गजल गाया “गरजां दे ने मारे लोकी” बलदेव सिंह सिद्धू ने “घर-घर खीर पूड़े पकदे ने” गाया, जबकि रजनीश वशिष्ठ ने “आदर्श दुश्मन” लेख पढ़ा। कॉमरेड अवतार सिंह ने मिनी कहानी “मोह दियां तंदां” सुनाई। अश्वनी शर्मा ने “नागरिकों की जासूसी” पर चर्चा शुरू की। कामरेड मुलख राज ने “जागो बाई जागो मेरे देस देयो वारसो” गीत गाया। तरसेम सिंह भंगू ने मिनी कहानी “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” सुनाई और प्रताप पारस की गजल “लहरां संग दरिया जे खार रखनगे” ने एक अलग रंग ले लिया। सीतल सिंह गुन्नोपुरी की गजल के शब्द “शायद किसी बरसात के मौसम की पहली बारिश” रहे। गुरदेव सिंह भुल्लर ने भी गीत पेश किए। सुभाष दीवाना ने “मस्त मौला झूम के आया महीना सावन” का पेश किया। अंत में सभा के अध्यक्ष प्रो. योगी ने सावन माह के महत्व पर विस्तार से चर्चा करने के लिए लेखकों का धन्यवाद दिया।

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