Homeराज्यपंजाबमुख्यमंत्री ने अमृतसर में लहराया राष्ट्रीय ध्वज

मुख्यमंत्री ने अमृतसर में लहराया राष्ट्रीय ध्वज

45 राज्य पुरस्कार विजेताओं को किया सम्मानित
अमृतसर रेल हादसे के 34 पीड़ितों के वारिसों को नियुक्ति पत्र सौंपे
आज समाज डिजिटल, अमृतसर:

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने समाज के प्रति महत्वपूर्ण योगदान देने और समर्पित भावना से सेवाएं निभाने के लिए 45 राज्य पुरस्कार विजेताओं को सर्टिफिकेट, शॉल और मेडल से सम्मानित किया। साल 2020 के लिए यह अवॉर्ड इससे पहले कोविड के कारण नहीं दिए जा सके थे। हालांकि साल 2021 के राज्य पुरस्कार विजेताओं के लिए अलग से समागम करवाया जाएगा, जहां पश्चिमी कमांड के कमांडर इन चीफ और बाकी सभी रैंकों के अफसरों समेत मशहूर शख्सियतों को कोविड के विरुद्ध लड़ाई में बेमिसाल योगदान देने के लिए सम्मानित किया जाएगा। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सब-इंस्पेक्टर जसवीर सिंह को मुख्यमंत्री रक्षक पदक पुरस्कार से सम्मानित किया, जो इस समय पर मलेरकोटला में सीटी-2 के एसएचओ के तौर पर तैनात हैं और उन्होंने मलेरकोटला में एक दुकान के ऊपर स्थित घर में आग लग जाने पर वहां रहने वाले परिवार को बचाने के लिए साहस और बहादुरी दिखाई थी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने एआईजी एसटीएफ सनेहदीप शर्मा, डीएसपी जालंधर गुरमीत सिंह, एडीसीसी-4 लुधियाना रुपिंदर कौर सरा, एडीसीपी जांच लुधियाना रुपिंदर कौर भट्टी, डीएसपी डिटेक्टिव मोगा जंगजीत सिंह और डीएसपी डिटेक्टिव अमृतसर ग्रामीण गुरिंदरपाल सिंह के अलावा इंस्पेक्टर गुरप्रीत सिंह, इंस्पेक्टर सुरिंदर कौर, इंस्पेक्टर बिठल हरी, एसआई लखबीर सिंह, एएसआई कंवलजीत सिंह, एएसआई अमनदीप सिंह, एएसआई जगदीप सिंह, कॉन्स्टेबल जगजीत सिंह और कॉन्स्टेबल दलजीत कुमार को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जोड़ा फाटक में अमृतसर रेल हादसे के 34 पीड़ितों के हरेक पारिवारिक सदस्य को सरकारी नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र भी सौंपे।
मुख्य मंत्री यहां भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समागमों का नेतृत्व कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यहां गाँधी मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और विश्वास जाहिर किया कि लोगों की सामृहिक भावना प्रबल होने से सभी चुनौतियों पर जीत हासिल कर लेंगे। उन्होंने बलिदान देने वाले आजादी के परवानों को भी याद किया जिनके स्वरूप हमें स्वतंत्रता नसीब हुई है। अंडमान सेलुलर जेल के दौरे को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां उन्होंने बहुत से पंजाबियों के नाम देखे, जिनके बारे में उनको पता नहीं था कि इन लोगों ने भी देश की आजादी के लिए आंदोलन में हिस्सा लिया था। इन सभी लोगों को श्रद्धांजलि भेंट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबियों ने देश की एकता और अखंडता के लिए बड़े बलिदान दिए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया और कमांडर डीएसपी माधवी शर्मा और सेकेंड-इन-कमांड डीएसपी हरिन्दर सिंह मान के नेतृत्व वाली मार्च पास्ट की टुकड़ी से सलामी ली। परेड में शामिल टुकड़ियों में पंजाब पुलिस रिक्रूट्ज प्रशिक्षण सेंटर, जहान खेला, पंजाब जेल पुलिस, चण्डीगढ़ पुलिस, गार्डियंज आॅफ गवर्नेंस और पंजाब आर्म्ड पुलिस का पाईप बैंड शामिल थे।

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