पंजाब अब स्कूल शिक्षा में भारत का अग्रणी राज्य तथा पहली से बारहवीं तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य विषय के रूप में लागू करने वाला पहला राज्य
Punjab News (आज समाज), चंडीगढ़। देशभर में बार-बार हो रहे पेपर लीक तथा प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के साथ हो रहे क्रूर व्यवहार को लेकर पंजाब विधानसभा में निंदा प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज कहा कि विपक्ष बहस से भाग रहा है क्योंकि उसके पास मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में लाए गए सकारात्मक बदलावों का कोई जवाब नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष झूठे बयानों के माध्यम से पंजाब को बदनाम करने का प्रयास कर रहा है, जबकि तथ्य बिल्कुल अलग कहानी बयां करते हैं।
एआई को मुख्य विषय के रूप में पेश करने वाला पहला राज्य
उन्होंने कहा कि पंजाब स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में भारत का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। पहली से बारहवीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य विषय के रूप में लागू करने वाला यह देश का पहला राज्य बन गया है। शिक्षा क्रांति के तहत सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट-यूजी 2026 उत्तीर्ण की है तथा पिछले साढ़े चार वर्षों में एक भी पेपर लीक न होने का रिकार्ड कायम रखा गया है।
शिक्षा व्यवस्था से समाज में आ रहे सकारात्मक बदलाव
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पंजाब बदल रहा है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उसकी पहचान बन रही है।”विधानसभा में संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि वह विपक्ष द्वारा उठाए गए प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देने के लिए सदन में मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा, “मैं कानून का विद्यार्थी रहा हूं। मैं प्राकृतिक न्याय के उस सार्वभौमिक सिद्धांत को समझता हूं कि सबसे खराब व्यवस्था में भी किसी को सुने बिना दंड नहीं दिया जाता।
सवाल उठाना बहुत आसान है। मैं यहां विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए खड़ा हूं।इस रैकेट के बारे में जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि बाबा फरीद यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंसेज द्वारा आयोजित फामेर्सी परीक्षा में नकल कराने के लिए हरियाणा आधारित नकल सिंडिकेट ने आधुनिक मोबाइल फोन, छिपे हुए वायरलेस ईयरपीस तथा अन्य उन्नत उपकरणों का उपयोग किया।
ये भी पढ़ें : Punjab Breaking News : पंजाब को दहलाने की फिराक में थे आतंकी, पुलिस ने इस तरह किया बेनकाब, 9 काबू


