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Himachal Pradesh Budget Session 2022-23 : 100 गांवों को राष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्राकृतिक कृषि गांव के रूप में किए जाएंगे परिवर्तित

Himachal Pradesh Budget Session 2022-23 : 100 गांवों को राष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्राकृतिक कृषि गांव के रूप में किए जाएंगे परिवर्तित

  • प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार एकड़ जमीन को किया जाएगा कवर
  • प्राकृतिक उत्पादों की बिक्री के लिए दस नई मंडियां की जाएगी विकसित

आज समाज डिजिटल, शिमला।

Himachal Pradesh Budget Session 2022-23 : प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार एकड़ भूमि को इससे जोड़ा जाएगा। प्रदेश की सभी 3 हजार 615 पंचायतों में प्राकृतिक कृषि का एक एक माॅडल विकसित किया जाएगा। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रदेश में 100 गांव को राष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्राकृतिक कृषि गांव के रूप में परिवर्तित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक कृषि कर रहे सभी किसानों को पंजीकृत किया जाएगा और उनमें श्रेष्ठ 50 हजार किसानों को प्राकृतिक कृषक के रूप में प्रमाणित किया जाएगा। इसके लिए एक पोर्टल डेवलप किया जाएगा। प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों की बिक्री के लिए दस नई मंडियां खोली जाएगी। दो स्ािानों पर प्राकृतिक कृषि के उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष मंडी खोली जाएगी। दिल्ली और प्रदेश में चुने हुए स्ािानों पर बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022-23 में केंद्रीय बजट में प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए लगभग 1500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

पराला मंडी को आदर्श मंडी के रूप में किया जाएगा विकसित

मुख्यमंत्री ने कहा कि पराला मंडी को आदर्श मंडी के रूप् में डेवलप किया जाएगा। फलों और सब्जियों के भंडारण की सुविधाओं में और बेहतरी के लिए इस मंडी में 60 करोड़ 93 लाख रुपए की लागत से 5 हजार मीट्रिक टन क्षमता का एक नया सीए स्थापित किया जाएगा। (Himachal Pradesh Budget Session 2022-23) जायका चरण दो के तहत प्रदेश में 13 मार्केट यार्डों को और सुदृढ़ किया जाएगा। इसपर 31 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। अगले साल प्रदेश में एक और फूल मंडी स्थापित की जाएगी इस पर तीन करोड़ रुपए खर्च किए गए है। हींग और केसर की खेती के बाद अब दालचीनी और मौंक फ्रूट की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा ड्रैगन फ्रूट की खेती की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा।

बीज उपदान को 5 करोड़ से बढ़ाकर किया 10 करोड़

मुख्यमंत्री ने बीज उपदान पर दी जाने वाली सब्सिडी को पांच करोड़ रुपए से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए किए जाने की घोषणा की। किसानों को अच्छी क्वालिटी का बीज देने के लिए तीन करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। किसानों की उपज बेहतर दाम पर बेचने के लिए प्रदेश में 20 नए किसान उत्पादक संगठनों का गठन किया जाएगा। इसमें 10 संगठन प्राकृतिक कृषि पर आधारित होंगे। प्रदेश में कृषि को बढावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने बजट में 583 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है।

रिकांगपिओ और चंबा में यह सीए स्टोर खोले जांएगे

बजट में मुख्यमंत्री ने कहा कि 58 करोड़ रुपए की लागत से चच्योट, रिकांगपिओ और चंबा में यह सीए स्टोर खोले जांएगे। रोहडू, गुम्मा, जडोल (Himachal Pradesh Budget Session 2022-23) टिक्कर, टूटूपानी और भुंतर में बन रहे सीए स्टोर को इसी साल शुरू किया जाएगा। प्रदेश की बागवानी को एक नई पहचान दिलाने वाले सत्यानंद स्टोक्स की याद में सरकार उनकी कर्मभूमि शिमला जिला के कोटगढ़, थानाधार और आसपास के क्षेत्र को सत्यानंद स्टोक्स ट्रेल का निर्माण करेगी। उन्होंने कहा कि इसका बहुआयामी स्वरूप बागवानी, पर्यटन, भाषा एवं संस्कृति विभाग के समन्वय से विकसित किया जाएगा।

अलग-अलग स्थानों पर सीए स्टोर खोले जाएंगे। बागवानी विकास परियोजना के सकारात्मक परिणाम को देखते हुए शिलारू और पालमपुर में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। जामुन और मेवों की खेती के लिए क्लस्टर बनाए जांएगे। (Himachal Pradesh Budget Session 2022-23) फूलों की खेती का विस्तार करने के लिए आर्किउ और सजावटी पौधों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। पुष्प क्रांति योजना के तहत 11 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बागवानी क्षेत्र के लिए 2022-23 में 540 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है।

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Mohit Sainihttps://indianews.in/author/mohit-saini/
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