Himachal News: हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ हुए अपराधों पर सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। विधानसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए सरकार ने बताया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में पिछले तीन सालों में शिक्षकों के खिलाफ छात्राओं से छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के 24 मामलों में विभागीय जांच, निलंबन, चार्जशीट और आपराधिक कार्रवाई की गई।
सेवा से बर्खास्तगी की गई
विधानसभा में विधायक सतपाल सिंह सत्ती के प्रश्न के लिखित उत्तर में सरकार ने बताया कि इन मामलों में दो कॉलेज शिक्षकों को बर्खास्त किया गया। कई मामलों में पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज हुआ है। आरोप साबित होने पर शिक्षकों के खिलाफ नौकरी से बर्खास्तगी समेत कड़ी कार्रवाई भी हुई। सरकार ने सवाल का जवाब देते हुए बताया कि हमीरपुर और शिमला के दो कॉलेज शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त किया गया, जबकि चंबा के एक शिक्षक को पाक्सो मामले में अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई। कई मामलों में पुलिस जांच और विभागीय कार्रवाई अभी जारी है।
रिक्तियों का शिक्षा व्यवस्था पर असर
विधायक नीरज नैय्यर के प्रश्न के लिखित जवाब में सरकार ने कहा कि प्रशिक्षकों और ट्रेनरों के रिक्त पदों के कारण कई संस्थानों में प्रशिक्षण व्यवस्था प्रभावित हुई। आईटीआई में प्रशिक्षकों की कमी से तकनीकी शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई आईटीआई में राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीटी) के तहत संचालित ट्रेडों में प्रवेश तक बंद करना पड़ा। अब सरकार ने 120 सहायक अनुदेशक (असिस्टेंट इंस्ट्रक्टर) के पद भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पदों को भरने का प्रस्ताव मंजूर
सरकार के मुताबिक, इन पदों को भरने का प्रस्ताव मंत्रिमंडल से मंजूर हो चुका है और भर्ती प्रक्रिया जारी है। महिला आईटीआई चंबा में भी प्रशिक्षुओं की संख्या लगातार घटी है। वर्ष 2023 और 2024 में जहां 80-80 प्रशिक्षुओं ने प्रवेश लिया था, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 57 रह गई।


