Homeराज्यहिमाचल प्रदेशप्राकृतिक सौन्दर्य को संजोए रखने के लिए स्वच्छता जरूरी : मुख्यमंत्री

प्राकृतिक सौन्दर्य को संजोए रखने के लिए स्वच्छता जरूरी : मुख्यमंत्री

स्वच्छ हिमाचल-स्वस्थ हिमाचल अभियान-2021 का शुभारंभ किया
आज समाज डिजिटल, शिमला:
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिमला के रिज से नगर निगम शिमला के 250 सफाई मित्रों के दल को हरी झंडी दिखाकर स्वच्छ हिमाचल-स्वस्थ हिमाचल अभियान-2021 का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति ने हिमाचल को स्वच्छ पर्यावरण और प्राकृतिक सौंदर्य से नवाजा है। उन्होंने कहा कि यह हमारा कर्तव्य है कि हम इस प्राकृतिक सौन्दर्य को संजोकर रखने के लिए स्वच्छता की आदत अपनाकर अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ रखें। राज्य सरकार ने वर्ष 2009 में अपने कार्यकाल के दौरान प्रदेश में प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। वर्ष 2019 में राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं से प्लास्टिक की खरीद के लिए पुन: खरीद नीति आरंभ की है, ताकि धरती को इस सौभाविक तौर से गैर सड़नशील (नॉन-बायोडिग्रेडेबल) कचरे से मुक्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस योजना के अेंतर्गत अब तक उपभोक्ताओं से एक लाख किलोग्राम प्लास्टिक की खरीद की जा चुकी है। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने प्लास्टिक और थमार्कोल कटलरी के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाया है, क्योंकि यह वातावरण को दूषित करने का प्रमुख स्रोत है। सरकार कागज से बनी थालियों और पत्तलों के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है। थर्माकोल व प्लास्टिक के स्थान पर पत्तलों व डोनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा गरीबों को पत्तल और डोने बनाने की लगभग 100 मशीनें प्रदान की गई हैं। इससे उन्हें आजीविका अर्जित करने में भी सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गैर-सरकारी संगठनों और अन्य स्वयं सहायता संगठनों को भी पर्यावरण प्रदूषण के नियंत्रण और राज्य को स्वच्छ बनाने में योगदान देना चाहिए। जय राम ठाकुर ने प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों और नगरपालिकाओं को 70 प्लास्टिक श्रैडर मशीनें भी प्रदान की। यह मशीनें नगरपालिकाओं को कचरे के वैज्ञानिक निष्पादन में सहायक सिद्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई।
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि राज्य की नगरपालिकाएं न केवल घर-घर जाकर कचरा एकत्रित कर रही हैं, बल्कि इस कचरे का वैज्ञानिक निष्पादन भी सुनिश्चित कर रही हैं। प्रधान सचिव पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केके पंत ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री व अन्य गणमान्यों का स्वागत किया। इस अवसर पर शिमला नगर निगम की महापौर सत्या कौंडल, उप-महापौर शैलेन्द्र चौहान, प्रधान सचिव शहरी विकास रजनीश, निदेशक पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सुदेश मोक्टा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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