Homeराज्यहिमाचल प्रदेशमुख्यमंत्री का लंबित मामलों के निपटारे के लिए कमेटी बनाने का ऐलान

मुख्यमंत्री का लंबित मामलों के निपटारे के लिए कमेटी बनाने का ऐलान

करूणामूलक आधार पर पात्र लोगों को नौकरी देने का मामला
लोकिन्दर बेक्टा, शिमला:
हिमाचल प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार राज्य में करूणामूलक आधार पर नौकरी देने के लंबितों मामलों के निपटारे के लिए कमेटी गठित करेगी। यह कमेटी मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनेगी और मामले के सभी पहलुओं पर विचार कर सरकार को निर्धारित समय अवधि के दौरान अपनी रिपोर्ट देगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, सदस्य प्रकाश राणा, इंद्रदत्त लखनपाल, पवन काजल और राम लाल ठाकुर के संयुक्त सवाल के जवाब में की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित होने वाली कमेटी यह देखेगी कि कैसे करूणामूलक आधार पर सभी पात्र लोगों को नौकरी दी जाए। इसमें करुणामूलक आधार पर लंबित मामलों का एकमुश्त निपटारा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कमेटी विभिन्न विभागों व निगमों में मौजूद रिक्त पदों में से केवल पांच फीसदी पद ही करूणामूलक आधार पर भरने की शर्त की सीमा को हटाने पर भी विचार करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि करूणामूलक आधार पर पात्र लोगों को करूणामूलक आधार पर नौकरी देने के लिए बनी नीति को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण प्रश्न है और सबकी चिंता का विषय है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने करूणामूलक आधार पर नौकरी देने के लिए बनाई नीति में 7 मार्च 2019 को संशोधन कर इसे युक्तिसंगत बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने करूणामूलक आधार पर नौकरी देने के लिए 50 वर्ष की आयु सीमा की शर्त को भी हटाया है और अब रिटायरमेंट के दिन भी यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु होती है तो भी पात्र को करूणामूलक आधार पर नौकरी देने का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास करूणामूलक आधार पर कुल 2779 मामले लंबित है। अभी तक सरकार ने विभिन्न विभागों में जनवरी 2018 से 31 जनवरी, 2021 तक 706 को नौकरी दी और निगमों व बोर्डों में भी 50 को नौकरी दी थी। इस प्रकार कुल 756 लोगों को नौकरी दी गई है।

इससे पहले, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह प्रश्न करुणा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि करूणामूलक आधार पर नौकरी के लिए आज भी पात्र लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कमेटी की रिपोर्ट को एक तय समय के भीतर रिपोर्ट देने को कहा जाए।
इस पर, मुख्यमंत्री ने कहा कि कमेटी टाइम बाउंड होगी और सरकार चाहती है कि पात्र लोगों को जल्द से जल्द नौकरी दे। उन्होंने कहा कि करूणामूलक आधार पर नौकरी अधिकार नहीं है और वास्तव में करूणामूलक आधार पर नौकरी अति निर्धन लोगों के लिए है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर फिर से विचार करने की जरूरत है और इसके लिए ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर इसमें और स्पष्टता लाई जाएगी।

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