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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जाट लोगों पर हुआ केस, चला साढ़े पांच साल, सभी हुए बरी

प्रभजीत सिंह लक्की, यमुनानगर :

जाट आरक्षण को लेकर जाट समाज के द्वारा पूरे देश व हरियाणा प्रदेश में पूरे जोर के साथ आंदोलन हुआ। जगह जगह रोड़ जाम हुए। खंड बिलासपुर में भी आरक्षण की मांग को लेकर समाज के लोगों ने जगह जगह नाके लगाकर रोष प्रकट किया था। बिलासपुर खंड के जाट समाज के लोगों ने बिलासपुर जगाधरी रोड़ रामखेड़ी बस स्टैड़ पर बड़ा नाका लगाकर रोड़ जाम किया था। उस समय सरकार के ईशारे पर बिलासपुर पुलिस ने खंड बिलासपुर के 42 जाट समाज के लोगों के खिलाफ आई.पी.सी की विभिन्नं धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। जाट नेता कंाशीराम पिरूवाला ने बताया कि केश की सुनवाई के दौरान किसी जाट नेता की गिरफतरी तो नही हुई।

42 पर हुआ था केस दर्ज सुनवाई के दौरान 5 की मौत 37 बरी 

परन्तु गिरफतारी के लिए बार बार दबाव बना रहा। कांशीराम ने बताया कि केश की सुनवाई माननीय कोर्ट बिलासपुर में करीब साढ़े पांच वर्ष चली। केस में 42 जाट समाज के लोगों के नाम थे सुनवाई के दौरान 5 लोगों की मौत हो चुकी हैं। बुधवार 14 सितम्बर को माननीय कोर्ट ने 37 जाट समाज के लोगों को बाईज्जत बरी कर दिया। जिससे समाज के लोगों में भारी खुशी हैं। उन्होंने बताया कि साढ़े पांच वर्ष चले केस को जाट समाज के अधिवक्ता राठी, ललाहड़ी, नरवाल, सुरेश व अरूण ने बिना किसी फिस लिए केश लड़ा। जिसके लिए पूरे समाज की तरफ से इन सभी अधिवक्ताओं का भी धन्यवाद किया। कांशीराम ने कहा कि उनका आंदोलन आरक्षण मिलने तक जारी रहेंगा।

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