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जश हत्या मामले में अभी भी असमंजस की स्थिति, उठ रहे हैं कई बड़े सवाल, एसपी ने दिए जवाब

जश हत्या मामला (Jash murder case) बना एक उलझी हुई पहेली। आखिर क्या था मासूम का कसूर, जिसने उसकी हत्या निर्दयी होगा जरूर। जस हत्या मामले में एसपी गंगाराम पुनिया (SP Gangaram Punia) से की बातचीत।

इशिका ठाकुर, करनाल

करनाल जिले के गांव कमालपुर निवासी जश हत्या मामला (Jash murder case) अभी अनसुलझी पहली की तरह हैं। चारों तरफ सिर्फ जश की हत्या की चर्चाएं हैं। आखिरकार 4 साल के बच्चे ने किसी का क्या बिगाड़ा था। जिसने भी जिस की हत्या की बता सुनी, फोटो देख वो आज भी भावुक हैं।

अब ऐसे में उस मां, बाप, दादा-दादी पर क्या बीत रही होगी। इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते। वहीं हत्या में गिरफ्तार अंजली, इससे पहले हिरासत में लिए गए ताऊ व उसके परिवार काे लेकर भी चर्चाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।

इस संवेदनसील मामले में अंजली द्वारा हत्या करने के पीछे के वजह की भी क्यास लगाए जा रहे हैं। इसी बीच परिवार, समाज के सवालों पर एसपी गंगाराम पुनिया (SP Gangaram Punia) से बातचीत की गई।

सवाल : जश में मामले क्या रहा?

एसपी : 5 अप्रैल को सूचना मिली थी कि एक 4-5 साल का बच्चा लापता हो गया। ग्रामीणों ने एक बाबा पर आशंका जताई थी। एक सीसीटीवी फुटेज भी दिखाया। थाना इंद्री में लापता का केस दर्ज किया।

बाबा को ढूंढकर पूछताछ की। बाबा की भूमिका न मिलने पर ग्रामीणों की मदद से गांव में एक सर्च अभियान चलाया। 6 अप्रैल को सुबह बच्चे का शव एक टीन पर मिला। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया।

उधर संदिग्धों से पूछताछ की। कई लोगों के बयान भी कलमबद्ध करवाए हैं। मौके के साक्ष्यों, पूछताछ व अन्य तथ्यों के आधार पर अंजली को हिरासत में लिया और उसके गिरफ्तार करके न्यायालय से 3 दिन का रिमांड हासिल किया।

सवाल : जांच में अंजली ने क्या बताया?

एसपी : पुलिस ने आरोपी अंजली को पुलिस रिमांड पर ले रखा है। जांच के दौरान काफी चीजें सामने आई हैं। जांच के बीच उन बातों को अभी सामने नहीं ला सकते।

सवाल : अकेली अंजली क्या हत्या कर सकती हैं?

एसपी: 4 वर्षीय बच्चे की हत्या हाेना बड़े दुर्भाग्य की बात है। बड़ा संवेदनशील और गंभीर मामला था। पुलिस के साथ-साथ पूरे जिले के लोग इस मामले का जल्दी पटाक्षेप चाहते थे। जो असली दोषी है वो पकड़ा जाए।

हम भी ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि जांच तथ्यों पर आधारित हो, निष्पक्ष हो। साथ ही ये भी चाह थे कि कोई गलत इसमें ना फंसे। परिजन लगातार मेरे संपर्क हैं। परिजनों को भी समझाया है कि इस मामले में जो भी शामिल हैं। उनके खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।

सवाल : इस हत्या को क्या तंत्र विद्या से जोड़कर देखा जा रहा था?

एसपी : इस संबंध में किसी भी प्रकार की भ्रामिक सूचना ना फैलाएं। मेडिकल बोर्ड के पोस्टमार्टम से आई रिपोर्ट में शरीर पर गर्दन के पास एक ही चोट का निशान सामने आया है। इससे पुष्टि हुई है कि गला दबाकर हत्या हुई है। सोशल मीडिया पर कई गलत खबरों को प्रसारित किया गया है।

सवाल : हत्या कैसे की गई?

एसपी : मोबाइल चार्जर की तार से हत्या की गई है। चार्चर की तार को पुलिस ने बरामद कर लिया है। साथ उस तार को लेकर डाॅक्टर का ओपिनियन भी लिया है। जिससे डॉक्टर भी सहमत हुए हैं कि इससे गला दबाकर मारना संभव है।

सवाल : ताऊ के घर से जश की चप्पल मिलने की सूचना क्या ठीक हैं?

एसपी : अंजली के साथ पूछताछ के बाद कुछ सामान को बरामद किया है। अंजली ने ही जश की चप्पल को बरामद करवाया है। जिसकी बरामदगी के दौरान दो स्वतंत्र गवाहों को साथ में रखा था और रिकवरी के दौरान वीडियोग्राफी भी करवाई है।

सवाल: राजेश की पत्नी ने शव फेंकने की बात को माना था?

एसपी : पुलिस ने अभी तक किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी है। इस मामले में किस व्यक्ति की कितनी भूमिका है और उस पर कौन सी धारा लगेगी। इसको सुनिश्चित किया जा रहा है। जल्दी ही अन्य जानकारियों को बाहर लाया जाएगा।

सवाल : अंजली के घर पर करीब 18 घंटे जश रहा, क्या इस दौरान किसी ने नहीं देखा?

एसपी : पूछताछ में कई साक्ष्य सामने आए हैं। जो फिल्म है उसे एसएफएल की टीम के साथ दोबारा से क्रेट करेंगे। अभी और भी साक्ष्य सामने आएंगे।

फिजिकली जो साक्ष्य पुलिस ने वहां से जुटाएं है, उनका लैब में भिजवाया है। उनकी रिपोर्ट भी जल्दी उपलब्ध करवानी की मांग की है। ताकि जो जानकारी या सूचनाएं हमारे पास आई हैं, हम उनका सत्यापन कर सकें।

सवाल : समाज दोबारा से रोष प्रदर्शन, जाम के लिए कर सकता है?

एसपी : हाईवे जाम करना किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान नहीं है। जाम से लोगाें को आने-जाने में भी दिक्कत आती है। पुलिस की मेहनत दूसरी जगह लगने की बजाए, जाम के दौरान खराब हो जाती है। मैं फिर से आश्वस्त करना चाहूंगा कि करनाल पुलिस मामले की गहराई तक पहुंचेगी। इस मामले को अंजाम तक पहुंचाएगी।

सवाल : जनता को क्या संदेश देना चाहते हो ?

एसपी : सभी लोगों से अपील है कि पुलिस पर विश्वास रखें। जांच एजेंसी पर भरोसा रखें। पुलिस को साक्ष्य जुटाने होते हैं। उन्हें लैब में भी भेजना होता है। साथ ही किसी निर्दोष के साथ कुछ गलत ना हो, ये भी ध्यान रखना होता है।

हम प्रयास कर रहे हैं कि जांच वैज्ञानिक और विश्वसनीय साक्ष्यों पर आधारित हो। ताकि कल कोर्ट में किसी प्रकार के मामले की कमी न रहे। किसी भी भ्रामिक जानकारी पर विश्वास न करें और न ही फैलाएं। पुलिस जो जानकारी दे रही है। उस पर विश्वास करें।

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