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शहजादपुर : प्रकृति ज्ञान का भण्डार है और जो शिक्षा पुस्तकें पढने के बाद भी अधूरी रह जाती है वह पेड़ पौधों के सानिध्ये में सम्पूर्ण होती है : मनोज वालिया

नवीन मित्तल, शहजादपुर :
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणगढ़ में उच्त्तर शिक्षा निदेशालय हरियाणा, पंचकूला के निदेर्शानुसार राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस के उपलक्ष में महाविद्यालय पुस्तकालय के सामने पौधा रोपण किया गया। इस मौके पर महाविद्यालय पुस्तकालयध्यक्ष अशोक ढींगरा ने बताया कि पुस्तकालय में विद्यार्थियों एवं स्टाफ के बैठने के लिए 150 से ज्यादा कुर्सियो के साथ भिन्न-भिन्न विषय की 26264 पुस्तके विद्यमान है और पुस्तकों की उचित देख रेख के लिए सोउल 2.0 नामक साफ्टवेयर कंप्यूटर में इनस्टॉल किया गया है। पुस्तकालय में इस समय विद्यार्थियों एवं स्टाफ के पढने के लिए 10 अखबार, 20 पत्रिका एवं 6 आनलाइन पत्रिका तथा कंप्यूटर, प्रिंटर एवं 1 फोटोस्टेट मशीन उपलब्ध है। मुख्य अतिथि के रूप में एआईपीआरओ मनोज वालिया ने शिरकत करते हुए पौधा लगाया और कहा कि प्रकृति ज्ञान का भण्डार है और जो शिक्षा पुस्तकें पढने के बाद भी अधूरी रह जाती है वह पेड़ पौधों के सानिध्ये में सम्पूर्ण होती है।  

जिस प्रकार पुस्तकों के बिना आज का मानव या तो अज्ञानी रह जाता है अथवा मूढ़ कहलाता है, वह भी प्रकृति कि देख-रेख में जीवन के अभिन्न मूल्यों को ग्रहण कर बुद्धिमान बन जाता है। इस अवसर पर प्राचार्य संजीव कुमार ने मुख्य अतिथि का स्वागत कर उनका धन्यवाद किया और कहा कि पुस्तकालय एवं पुस्तकों कि महत्ता को आज के युग में कम नहीं आंका जा सकता यह उत्तर-आधुनिक जीवन का एक अभिन्न अंग है वही दूसरी ओर पेड़ पौधों के बिना यह जीवन भी संभव नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि प्रकृति चारों तरफ फैला हुआ ज्ञान का असीम भंडार है जो मानव में मानवता के मूल्यों का संचार करता है।  इस अवसर पर एआईपीआरओं कार्यालय के कर्मचारी कर्मचंद तथा कालेज स्टाफ ने भी पौधे लगाये। इस मौके पर प्रो. सुभाष, प्रो. अनिल सैनी, प्रो. सीमा राणा, प्रो. स्वर्णजीत, प्रो. गुरप्रीत, प्रो. शुभम, डा. सतीश एवं पुस्तकालय स्टाफ सदस्य कविता एवं कुसुम उपस्थित रहे।

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