Homeराज्यहरियाणाशहजादपुर: पुलिस कांस्टेबल परीक्षा लीक मामले की खुल रहीं परतें: अशोक मेहता

शहजादपुर: पुलिस कांस्टेबल परीक्षा लीक मामले की खुल रहीं परतें: अशोक मेहता

नवीन मित्तल, शहजादपुर:
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य अशोक मेहता ने कहा कि शनिवार को पुलिस कांस्टेबल परीक्षा लीक मामले में धीरे-धीरे जो परते खुल रही हैं, वह बड़े सवाल खड़े कर रही हैं। इस पेपर लीक मामले में हरियाणा सरकार लिखी एक बोलेरो की •ाी संलिप्तता सामने आ रही है। मैहता ने पूछा कि आखिर यह हरियाणा सरकार लिखी बोलेरो किसकी है? इस मामले में क्या किन्हीं बड़े लोगों का हाथ है? इस सरकार में 35 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं। लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, फिर •ाी यह सरकार इनसे सबक लेने को तैयार क्यों नहीं है? ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हरियाणा सरकार जानबूझकर प्रदेश के युवाओं के •ाविष्य को चौपट कर रही है। इस सरकार के शासनकाल में पेपर लीक माफिया लगातार फल-फूल रहे हैं। प्रदेश पेपर लीक माफियाओं का गढ़ बन चुका है। क्या बिना किसी बड़ी शह के यह मुमकिन है?
यहां जारी बयान में कहा कि शनिवार को हुए पेपर लीक मामले के साथ-साथ इस सरकार में अ•ाी तक हुए स•ाी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए जरूरी है कि हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन को तुरंत प्र•ााव से बर्खास्त किया जाए और स•ाी पेपर लीक मामलों की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराई जाए। मैहता ने कहा कि हरियाणा पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में तकरीबन आठ लाख युवाओं ने आवेदन दिया था। पहले दिन हुई परीक्षा में इन युवाओं को परीक्षा के लिए कई किलोमीटर दूर तक का सफर तय करना पड़ा। आने जाने में हरियाणा प्रदेश के युवाओं के करोड़ों रुपए खर्च हुए। हरियाणा प्रदेश के युवा पहले से ही बेरोजगारी से त्रस्त है। ऊपर से उन पर यह बड़ी आर्थिक मार है। साथ ही हरियाणा प्रदेश के होनहार युवा जो कई दिनों से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, यह उन्हें मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने वाला है। इसके लिए सीधे तौर पर हरियाणा की •ााजपा-जजपा सरकार जिम्मेदार है। मैहता ने कहा कि हरियाणा की सरकार युवाओं से बड़ा विश्वासघात कर रही है। यह सरकार षड्यंत्र के तहत हरियाणा के युवाओं के •ाविष्य को बर्बाद करने पर तुली हुई है। इस सरकार के राज में हरियाणा प्रदेश की बेरोजगारी दर स•ाी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। इस सरकार की नीयत में हरियाणा प्रदेश के युवाओं को रोजगार देना है ही नहीं। सरकार की नाकामियों के कारण प्रदेश में उद्योग धंधे तबाह हो चुके हैं। बड़े-बड़े उद्योग प्रदेश से पलायन कर रहे हैं। प्राइवेट सेक्टर में नौकरियां खत्म हो चुकी हैं।

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