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पीसीसी एकेडमी में सेमिनार का आयोजन

विदेश में इंग्लिश ही हमारा हथियार : अंशु पाहूजा

आज समाज डिजिटल, पानीपत:
पानीपत (Seminar organized in PCC Academy) पीसीसी एकेडमी में शुक्रवार को एक सेमिनार का आयोजन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य विदेश जाने की होड़ को लेकर था। इस मौके पर ऑस्ट्रेलिया से पहुंची अंशु पाहुजा में शिरकत की एवं बच्चों को बताया विदेशी सोच एवं उनके कार्य करने  के तौर तरीके कैसे हैं। अंशु पाहुजा ने बच्चों को तरीके के साथ समझाया कि विदेशों में एवं हमारे भारत देश में सबसे बड़ा अंतर क्या है। वह अंतर है भावना का, फिलिंग्स का। भारत देश में आपसी भाईचारे को लेकर जो प्यार, नम्रता व विश्वास है। वह विदेशों में नहीं देखा जा सकता। अंशु पाहुजा के अनुसार विदेशों में सब लोग अपने काम के प्रति वफादार हैं। वह दिल से जी जान से लगन से अपने कार्य को करते हैं एवं कुछ दिन अपने आपको वह समय भी देते हैं।

 

 

पीसीसी एकेडमी में सेमिनार का आयोजन
पीसीसी एकेडमी में सेमिनार का आयोजन

भारत में रिश्तो पर तो विदेश में कमाई पर दिया जाता है ध्यान

हमारे भारत देश में कुछ लोगों को आराम पसंद हैं एवं एक दूसरे की मदद भी करते हैं। एक भाई, एक दोस्त, दूसरे दोस्त की मदद करता है। एक दूसरे की कामयाबी दिलवाने के लिए जी जान से एवं पैसे की मदद भी करता है। परंतु विदेश में ज्यादातर लोग वफादार होकर अपने काम के प्रति लगन दिखाते हैं। वहां पर जो जितना काम करेगा वह उतना ही पैसा कमाएगा। अंशु पाहुजा पिछले काफी सालों से ऑस्ट्रेलिया में रह रही है एवं वह वहां के तौर तरीके एवं कानूनी प्रक्रिया एवं बिजनेस को किस तरीके से किया जा सकता है। वहां नौकरी कैसे पाई जा सकती है यह सभी जानकारी पीसीसी एकेडमी के सभी विद्यार्थियों को दी और इस मौके पर उन्होंने पीसीसी एकेडमी के निदेशक राजीव परुथी एवं शिल्पा परुथी को धन्यवाद भी किया।

विदेश जाकर किसी भी परेशानी का सामना करना पड़े तो वह घबराए ना

पीसीसी एकेडमी के निदेशक राजीव परुथी ने कहा पीसीसी एकेडमी एक ऐसा संस्थान है जहां पर प्रैक्टिकल नॉलेज पर ध्यान दिया जाता है। इस तरह के सेमिनार में विदेशों से बुलाकर मिलवाया जाता है, ताकि बच्चों को प्रैक्टिकल बात करके ज्ञान हो सके, ताकि वह विदेश जाकर किसी भी परेशानी का सामना करना पड़े तो वह घबराए ना। इस मौके पर ऑस्ट्रेलिया से पहुंची अंशु ने अंग्रेजी भाषा का बहुत ज्यादा महत्व बताया। बिना इंग्लिश विदेश में आपका कोई भी अस्तित्व नहीं है। विदेशी भाषा ही आपका सबसे बड़ा हथियार है। इस मौके पर राहुल, सिमरन, कोमल, संजना, भव्या, अंजलि आदि मौजूद रहे।
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