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पाइट में एससी-एसटी छात्रों को निशुल्‍क मिलेगी शिक्षा : डीसी सुशील सारवान 

  • पाइट में कैपेसिटी बिल्डिंग अभियान शुरू
  • एससी-एसटी बच्‍चों को स्‍कॉलरशिप का भी एलान
आज समाज डिजिटल, Panipat News :
पानीपत। डीसी सुशील सारवान ने कहा कि पानीपत इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्‍नॉलोजी (पाइट) में एससी-एसटी छात्र-छात्राओं को निशुल्‍क शिक्षा मिलेगी। उन्‍हें बड़ी कंपनियों में नौकरी करने के अलावा अपनी कंपनी स्‍थापित करने का भी अवसर मिलेगी। डीसी यहां पाइट में कैपेसिटी बिल्डिंग मुहिम के शुभारंभ पर बोल रहे थे। एससी-एसटी परिवार के बच्‍चों को निशुल्‍क शिक्षा देने के लिए लगातार दूसरे साल यह अभियान शुरू किया गया है। मुख्‍य अतिथि डीसी सुशील सारवान, जिला शिक्षा अधिकारी कुलदीप दहिया, डिप्‍टी डीईओ रचना बाना, डीईईओ बृजमोहन गोयल, जिला प्रोजेक्‍ट समन्‍वयक सरोज बाला, बीईओ समालखा राजेश, बीईओ बापौली विक्रम, आइटीआइ के प्रिंसिपल कृष्‍ण कुमार, एमएसएमई पानीपत से सहायक निदेशक कपिल मित्‍तल, बीईओ मतलौडा मनीष गुप्‍ता, पाइट के सचिव सुरेश तायल, वाइस चेयरमैन राकेश तायल, डीन स्‍टूडेंट वेलफेयर डॉ.बीबी शर्मा ने दीप प्रज्‍वलित कर कार्यक्रम शुरू कराया।

शिक्षा ऐसी पूंजी है, जिसे कोई छीन नहीं सकता

डीसी सुशील सारवान ने कहा कि शिक्षकों व माता-पिता की वजह से वह जीवन के इस मुकाम पर हैं। स्‍कूल और कॉलेज में पूरी मेहनत से पढ़ाई करें। आपको हर तरह की मदद मिल सकती है लेकिन पढ़ाई तो आपको खुद ही करनी है। पढ़ाई करने आपकी जगह कोई दूसरा नहीं आ सकता। शिक्षा ऐसी पूंजी है, जिसे कोई छीन नहीं सकता। एससी-एसटी ही नहीं, अगर सामान्‍य वर्ग से कोई आर्थिक रूप से कमजोर है, उसकी पढ़ाई के लिए संस्‍था मदद करने के लिए तैयार है।

पढ़ने के साथ लिखने की आदत जरूर डालें

पाइट अकेला ऐसा इंस्टिट्यूट है, जहां पर स्‍टार्टअप सेंटर चल रहा है। यहां नौकरी मांगने नहीं, नौकरी देने की संस्‍कृति बन रही है। जिंदगी में सफलता कैसे हासिल करनी है, क्‍या-क्‍या बाधाएं आ सकती हैं, आर्थिक रूप से कमजोर बच्‍चों को उच्‍च शिक्षण संस्‍थान में दाखिला कैसे मिल सकता है, इन सभी सवालों का डीसी सुशील सारवान ने मंच से जवाब दिया। वे न केवल छात्रों से रूबरू हुए, बल्कि उनकी हर संभव मदद करने का भरोसा भी दिया। उन्‍होंने कहा कि नौकरी देने वाले बनें। पढ़ने के साथ लिखने की आदत जरूर डालें।

जरूरतमंद बच्‍चों को उच्‍च शिक्षा के लिए यहां लेकर आएं

वाइस चेयरमैन राकेश तायल ने कहा कि शिक्षा की राह में शिक्षक और प्रिंसिपल एक सेतु की भूमिका निभाएं। वे जरूरतमंद बच्‍चों को उच्‍च शिक्षा के लिए यहां लेकर आएं। भविष्‍य में यही बच्‍चे आपको देखकर गर्व से कहेंगे कि इन्‍होंने हमें जीवन में आगे बढ़ाया। सरकार की बहुत सारी योजनाएं ऐसी होती हैं, जिनका जरूरतमंदों को पता ही नहीं होता। शिक्षक इन योजनाओं को बच्‍चों तक पहुंचाएं। डीईओ कुलदीप दहिया व डीईईओ बृजमोहन गोयल ने कहा कि सरकारी स्‍कूलों के बच्‍चों को उच्‍च शिक्षा देने का पाइट का यह प्रयास सराहनीय है। इसके लिए उन्‍होंने डीसी सुशील सारवान व कॉलेज मैनेजमेंट का आभार प्रकट किया। जयती महाजन, डॉ.सुमन दहिया ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर प्रीति दहिया, गरिमा, पलिका, निशा, राजन सलूजा, डॉ.अंकुर सभ्रवाल, एनएसएस से प्रदीप मौजूद रहे।
ये मिलेंगी सुविधाएं
दसवीं के बाद डिप्‍लोमा करने वाले एससी-एसटी छात्र-छात्राओं से कोई फीस नहीं ली जाएगी। डिप्‍लोमा पास करने वालों को पांच हजार रुपये स्‍कॉलरशिप, 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वालों को लैपटॉप दिया जाएगा। इसी तरह मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिॉनिक्‍स और टेक्‍सटाइल इंजीनियरिंग में दाखिला लेने वालों के लिए भी यही पॉलिसी लागू कर रहे हैं।

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