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महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने समाज एवं राष्ट्र की मूल समस्याओं के समाधान के लिए शोध प्रविधि विषयक सात दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया Maharishi Dayanand University, Prof. Rajbir Singh

रोहतक 25 अप्रैल:

Maharishi Dayanand University, Prof. Rajbir Singh: शोध मानव कल्याण की राह प्रशस्त करता है। आज जरूरत है कि शोध का इस्तेमाल मानव कल्याण तथा समाज एवं राष्ट्र की मूल समस्याओं के समाधान के लिए हो। यह उद्गार महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने आज स्वराज सदन में आयोजित शोध प्रविधि विषयक सात दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए व्यक्त किए।

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सात दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन (Maharishi Dayanand University, Prof. Rajbir Singh)

Maharishi Dayanand University, Prof. Rajbir Singh
Maharishi Dayanand University, Prof. Rajbir Singh

चौ. रणबीर ङ्क्षसह इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एंड इकोनोमिक चेंज के तत्वावधान में तथा फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंसेज, फैकल्टी ऑफ फार्मासुयटिकल साइंसेज तथा फोरेंसिक साइंस विभाग के सहयोग से आयोजित इस सात दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की तथा पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन से इस कार्यशाला का उद्घाटन किया।अपने प्रेरणादायी संबोधन में कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने शोधार्थियों से अंतर विषयक शोध पर बल देने की बात कही। उन्होंने जीवन में शोध की महत्ता का उल्लेख करते हुए शोधार्थियों से समाज एवं राष्ट्र की समस्याओं को मद्देनजर रखते हुए उनके समाधान के लिए शोध कार्य करने का आह्वान किया।

शोधार्थियों के लिए बेस्ट थिसिस अवार्ड का प्रावधान (Maharishi Dayanand University, Prof. Rajbir Singh)

Maharishi Dayanand University, Prof. Rajbir Singh
Maharishi Dayanand University, Prof. Rajbir Singh

कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने एमडीयू में शोध को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे महत्त्वपूर्ण कदमों बारे जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एमडीयू में रिसर्च प्रोमोशन पॉलिसी बनाई गई है तथा शोधार्थियों के लिए बेस्ट थिसिस अवार्ड का प्रावधान किया है। उन्होंने इस कार्यशाला के आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि इस कार्यशाला से शोधार्थियों की शोध के प्रति रूझान, सोच एवं समझ बढ़ेगी।कुलपति के सलाहकार तथा डीन, सेंटर फॉर इंटरनेशनल एफेयर्स प्रो. ए.के. राजन ने बतौर की-नोट स्पीकर व्याख्यान दिया। प्रो. राजन ने अपने संबोधन में सतत, क्रमबद्ध, सर्जनात्मक, शोध प्रक्रिया के महत्त्व को समझाते हुए शोध के विभिन्न चरणों बारे जानकारी दी। डीन, एकेडमिक एफेयर्स प्रो. नवरतन शर्मा ने इस कार्यशाला के आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

शोध कार्यशाला की रूपरेखा पर प्रकाश डाला (Maharishi Dayanand University, Prof. Rajbir Singh)

इस कार्यशाला की कोआर्डिनेटर तथा डीन, लाइफ साइंसेज प्रो. राजेश धनखड़ ने प्रारंभ में स्वागत भाषण दिया और इस शोध कार्यशाला की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एंड इकोनोमिक चेंज के निदेशक प्रो. इंद्रजीत ने इंस्टीट्यूट की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस कार्यशाला में शोधार्थियों की शोध क्षमता को विकसित किया जाएगा।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अध्यक्ष एवं शोधार्थी रहे उपस्थित (Maharishi Dayanand University, Prof. Rajbir Singh)

इस अवसर पर इस कार्यशाला की कंवीनर तथा डीन, फार्मेसी प्रो. संजू नंदा तथा फोरेंसिक साइंस विभाग की अध्यक्षा प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ, शोध निदेशक प्रो. अनिल छिल्लर, सीआईएल निदेशक प्रो. अरूण नंदा, आईपीआर सैल के निदेशक प्रो. हरीश दूरेजा, सेंटर फॉर इनक्यूबेशन, इन्नोवेशन एंड स्टार्ट्अपस के निदेशक प्रो. मुनीष गर्ग, सीबीटी निदेशक प्रो. विकास हुड्डा समेत विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, प्राध्यापक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।

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