Homeहरियाणारोहतकआंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का विरोध बहू-बेटी का आंदोलन: Kisan Morcha

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का विरोध बहू-बेटी का आंदोलन: Kisan Morcha

Kisan Morcha

संजीव कौशिक, रोहतक:
Kisan Morcha : आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओ का आंदोलन हमारा आंदोलन है। ये हमारे घरों की बहू, बेटी और बहन हैं। अगर इनके साथ सरकार जोर जुल्म करती है तो भला हम कैसे चुप बैठ सकते है। यह कहना है संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा का, जो आज आंगनबाड़ी कर्मियो के आंदोलन को समर्थन देने के लिए कलायत में हजारों की संख्या में इकट्ठा हुए।

सरकार का दमन सह रहीं कार्यकर्ता

Kisan Morcha
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गौरतलब यह है की 8 दिसंबर से प्रदेश की आंगनबाड़ी कर्मी आंदोलनरत हैं। सरकार का दमन सहन कर रही है। मामूली मानदेय भी कई महीनो से नहीं दिया गया। 700 से ज्यादा आंगनबाड़ी कर्मियो को बर्खास्त कर दिया गया। झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए। सरकार के नियमानुसार 50 प्रतिशत विधवा है। गरीब आंगनबाड़ी कर्मियो को भूखा मरने की नौबत आ गई है। कोई भी विवेकशील नागरिक, कोई सामाजिक संगठन, कर्मचारी संगठन 8 दिसंबर से विषम परिस्थितियों में जारी आंदोलन को देखकर आंख मूंद कर नही रह सकता।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बताया एक परिवार

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आज की विशाल जनपंचायत ने हर उसको झकझोर कर रख दिया, जिन्होंने जन पंचायत में शिरकत की। आंगनबाड़ी कर्मियों का एक विशाल परिवार है, जिसे इस यूनियन और उस यूनियन में नहीं बांटा जा सकता। आज की जन पंचायत ने हरियाणा सरकार से एक ही सवाल पूछा है कि जब बहुत सारे मामलों पर सरकार और आंगनबाड़ी प्रतिनिधि मंडल से सुलह समझौता हो गया, फिर भी उनको बहाल करने में दिक्कत क्या है? क्या सरकार आंदोलन की सजा आंगनबाड़ी कर्मियो को देना चाहती है कि आंदोलन करने की हिम्मत कैसी हुई?

बोले-सरकार नहीं तोड़ सकती आंदोलन

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सरकार को यह बताना जरूरी है कि यह आंदोलन की हिम्मत विरासत में मिली हुई है, उस विरासत को किसान आंदोलन ने अपने खून से सींचा है। इस हिम्मत को किसी ने तोड़ने की कोशिश की तो सदा उसने ही मुंह की ही खाई है।बातचीत के रास्ते समाधान का रास्ता निकलता है। राज की ताकत से आंदोलन दबाने की कोशिश से आंदोलन और भी तेज होता है। सरकार यह ना भूले कि किसान आंदोलन की तपत अभी खत्म नहीं हुई है।

सराकर बातचीत से निकाले समाधान

संयुक्त किसान मोर्चा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है कि हरियाणा सरकार बातचीत के रास्ते आंगनबाड़ी कर्मियो की मांगों का बातचीत के रास्ते समाधान निकाले, अन्यथा सयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा  30 मार्च को  रोहतक में बैठक कर आंदोलन की रूप रेखा तैयार करेगा। 28,29 मार्च की श्रमिको ,कर्मचारियों की हड़ताल का सयुक्त किसान मोर्चा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करके समर्थन दिया। आज की जन पंचायत को मुख्य रूप से किसान नेता राकेश टिकैत, सत्यवान, जोगिंदर नैन, इंद्रजीत, राजेंद्र सिंह, सूबे सिंह, कृष्णा देवी,पुष्पा दलाल, शंकुतला देवी इत्यादि ने संबोधित किया।

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