Wednesday, December 1, 2021
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रोहतक : ग्रोवर नहीं मांगेंगे माफी, किसान बुलाएंगे महापंचायत

संजीव कुमार, रोहतक :

किसानों के आरोप झेल रहे पूर्वमंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है। उधर, ग्रोवर के घर से कुछ ही दूरी पर धरना दे रहे किसानों ने भी पीछे न हटने की ठान ली है। किसानों ने इस धरनास्थल पर महापंचायत बुलाने का फैसला लिया है। इसमें कई जिलों के किसान शामिल होंगे। आंदोलन लंबा खिंचने के आसार को देखते हुए किसान संगठनों ने भी तैयारी कर ली है। धरना पूरी तरह व्यवस्थित हो गया है। दोनों पक्षों के अड़ने के बाद प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं, शहर के बीचोंबीच चल रहे धरने से लोगों को भी परेशानी हो रही है।

संयुक्त किसान मोर्चे का शीर्ष नेतृत्व आएगा रोहतक

किसान संगठनों ने पूर्वमंत्री मनीष ग्रोवर के खिलाफ चल रहे धरने को व्यापक रूप देने की रणनीति तैयारी की है। वीरवार देर शाम विभिन्न संगठनों की बैठक धरनास्थल पर हुई, जिसमें यहां महापंचायत बुलाने का फैसला लिया गया। बैठक के दौरान ही संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं से बात की गई। उन्होंने तत्काल महापंचायत में आने पर सहमति जता दी। अब स्थानीय संगठनों को बस महापंचायत की तारीख तय कर उन्हें सूचना देनी है। शुक्रवार को स्थानीय संगठन बैठक कर महापंचायत की तारीफ तय करेंगे। महापंचायत में आसपास के जिलों के बड़ी संख्या में किसानों को बुलाया जाएगा, ताकि प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके। इसके साथ ही धरने में प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ाने का भी फैसला किया गया। हिसार में जिन महिलाओं ने ग्रोवर पर अभद्र इशारे का आरोप लगाया था, उन्होंने महिला आयोग को शिकायत भेजी। किसान संगठनों को नजर आ रहा है कि यह आंदोलन लंबा चलेगा, इसलिए उन्होंने भी तैयारी शुरू कर दी है। इसी के तहत वीरवार को धरने को पूरी तरह व्यवस्थित किया गया। बारिश से बचाव के लिए वाटरप्रूफ टेंट लग गया। जलभराव से बचने के लिए तख्त बिछ गए। गद्दे पहले से थे शाम को चादरें भी आ गईं। जेनरेटर, लाइट, पंखों का इंतजाम पहले ही किया जा चुका है। चाय और खाने का प्रबंध अभी खरावड़ में चल रहे धरने से हो रहा है, जल्द ही यहां शुरू होने की भी संभावना है। भाकियू चढूनी ग्रुप की नेता कांता आलड़िया ने अपने कार्यालय के बाहर भी चाय का प्रबंध किया। धरने में लोगों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं हैं। वीरवार को कई खापों के प्रतिनिधि भी समर्थन के लिए पहुंचे। धरना शांतिपूर्वक रहा फिर भी डीएलएफ कालोनी को जाने वाली सड़क पर अवरोधकों के दूसरी तरफ खड़े पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे।

पंजाबी कलाकार सोनिया मान पहुंची

पंजाबी फिल्म कलाकार सोनिया मान धरने की हिमायत के लिए पहुंची। उन्होंने काफी समय प्रदर्शनकारियों के साथ बिताया। सर्व कर्मचारी संघ के सदस्यों ने धरने पर पहुंच कर समर्थन का एलान किया। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर पहली बार आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने साफ कहा कि जब गलती की ही नहीं तो माफी किस बात की मांगें। बेवजह उन पर जबरदस्ती दबाव बनाया जा रहा है, जिसे वह सहन नहीं करेंगे। पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष ग्रोवर ने सबसे पहले प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने सड़क पर धरना क्यों देने दिया। पहले तो किसानों को आईएमटी चौक से शहर के अंदर एंट्री ही क्यों दी गई। उन्होंने सवाल किया कि धरनास्थल के पास स्टेट बैंक आॅफ इंडिया, जिला अदालत और जिला खजाना कार्यालय हैं, अगर कोई घटना हुई तो कौन जिम्मेदार होगा। किसानों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि जब टीकरी बार्डर पर पश्चिम बंगाल की बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ तब प्रदर्शनकारी कहां थे। उन सभी आरोपियों के घरों के बाहर धरना क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से सवाल किया कि क्या डिप्टी स्पीकर के काफिले और सांसद सुनीता दुग्गल पर हमला करना सही था। किसान ऐसा नहीं कर सकते, इन हमलों के पीछे बड़ी साजिश है। ग्रोवर ने फिर दोहराया कि प्रदर्शनकारी जो आरोप लगा रहे हैं, उसके सबूत लाएं, वह कानूनी कार्रवाई का सामना करने को तैयार हैं।

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