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रोहतक : भवन निर्माण श्रमिकों ने किया प्रदर्शन, समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा  

संजीव कुमार, रोहतक :

भवन निर्माण कारीगर मजदूर यूनियन संबंधित एआईयूटीयूसी से जुड़े भवन निर्माण श्रमिको मानसरोवर पार्क में इकट्ठा हुए। जिला सचिवालय तक जुलूस निकाला। जिला प्रधान केसू काहनौर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को मांगपत्र सौंपा। यूनियन के जिला प्रधान केसू काहनौर ने बताया कि जिला के सैंकड़ों निर्माण मजदूरों के कन्यादान व अन्य हितलाभ के फार्म हरियाणा भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा सिर्फ इस बिना पर रिजेक्ट कर दिए गए क्योंकि वे किसी लाइसेंसधारी ठेकेदार के यहां काम करने का प्रमाण नहीं दे पाए। जबकि यह सर्वविदित है कि निर्माण मजदूरों में कुछ ही मजदूर लाइसेंसधारी ठेकेदार के यहां काम करते हैं। बाकि सभी गांव देहात में जो काम मिल जाता है वही करते हैं। खुद सरकार भी इस बात को मानती है। इसके बावजूद भी हितलाभ के फार्म धड़ल्ले से रिजेक्ट किए जा रहे हैं। यूनियन ने जिला अधिकारियों से श्रम विभाग के जिला कार्यालय में जमा सभी हितलाभ के फार्म को रिजेक्ट न करने की अपील भी की। यूनियन ने यह भी बताया कि जिला कार्यालय अगर सकारात्मक कार्रवाई नहीं करता है तो जल्दी ही डायरेक्ट, चंडीगढ़ के कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जायेगा। हितलाभ की मांग को जोरदार ढंग से उठाया जाएगा।
ज्ञापन के माध्यम से हमने यह कहा है कि किसी दुर्घटनावश मजदूर
मिस्त्रियों की मौत पर जो सहायता राशि मिलने का प्रावधान है, उसके मिलने में भी वर्षों लग जाते हैं। इसी तरह, विवाह में कन्यादान व अन्य हितलाभ तरह-तरह की शर्तें लगाकर रोक कर रखे जा रहे हैं। बहुत सारे  कन्यादान के आवेदन बेतुकी शर्तें लगाकर रद्द कर दिए हैं। हितलाभ मिलना दुर्लभ बना दिया गया है। साथ ही इन सब नाजायज शर्तों और भ्रष्टाचार के चलते साधारण मजदूर, कारीगरों को हित-लाभ नहीं मिल रहे हैं।
यूनियन ने सरकार से इन मांगों पर तुरंत कार्यवाही करने की मांग की:
1. प्रत्येक मजदूर परिवार को हर महीने 10000 रुपए की नकद सहायता राशि व प्रति व्यक्ति 10 किलो अनाज दाल आदि सुखा राशन प्रतिमाह दिया जाए।
2. मृतक श्रमिक के परिवार को तुरंत मुआवजा दिया जाए।
3. नए पंजीकरण व नवीनीकरण की शर्तों को सरल किया जाए।
4. हर गांव व शहरी वार्ड में निर्माण मजदूरों को विकल्प काम उपलब्ध कराया जाए।
5. विभाग में भ्रष्टाचार फैलाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
6. सभी प्रकार का निपटारा 45 दिन के अंदर अंदर किया जाए।
7.कोरोना संक्रमण से बचाव, सार्वजनिक सैनिटाइजेशन, टेस्टिंग, चिकित्सा व वैक्सीनेशन की निकटतम पीएचसी में निशुल्क उचित व्यवस्था की जाए।
8. कन्यादान हेतु किये गए आवेदनों को बेतुकी शर्तें लगाकर रद्द न किया जाए। कन्यादान की राशि सरकार की घोषणा के अनुसार 48 घंटे के अंदर दी जाए। कन्यादान के रद्द किए गए आवेदनों पर पुनर्विचार किया जाए। संबंधित मजदूरों को कन्यादान की राशि मुहैया करवाई जाए।

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