संजीव कुमार, रोहतक :
जिले के लाखन माजर  क्षेत्र में गुरुद्वारा मंजी साहिब बेहद आस्था व श्रद्धा की मिसाल है। रामसरोवर तालाब के किनारे स्तिथ ये गुरुद्वारा अपनी ऐतिहासिक पहचान रखता है। वहीं तालाब के दूसरे तरफ भी मंजी साहिब की ही एक इमारत बनी हुई है जिसे ग्रामीण छोटे गुरुद्वारे के नाम से जानते हैं। उक्त इमारत जर्जर हो चुकी है। सोमवार को सुबह हुई बारिश में इमारत का बारजा गिर गया जिसके चलते एक गाड़ी चालक व बाइक सवार हादसे में बाल बाल बचे। ग्रामीण कई बार जर्जर इमारत की मुरम्मत व सुधार के लिए गुरुद्वारा प्रबंधन को कह चुके हैं। मगर प्रबंधन कमेटी को शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार है। लाखनमाजरा निवासी सुरेंद्र बताते हैं कि वो सुबह अपनी गाड़ी से छोटे गुरुद्वारे के पास से गुजर रहे थे कि अचानक धमाके की आवाज आई तो देखा कि इमारत के बारजे का कुछ हिस्सा टूटकर जमीन पर गिरा था। उसी समय वहां से एक बाइक सवार भी गुजर रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि ये गांव का मुख्य रास्ता है और इसमें तालाब की तरफ गढ्ढे बने हुए हैं। जिसके चलते ग्रामीण कोशिश करते है कि दीवार के साथ से गुजरे, मगर ये ध्यान नहीं करते कि उपर की तरफ भी आफत है।
करीब पांच साल पहले एक पेंटर व कारिंदा हो चुके हैं घायल 
ग्रामीण प्रवीण पंडित ने बताया कि करीब पांच साल पहले गोहाना निवासी पेंटर की लाखनमाजरा में दुकान थी। पेंटर मोंटी और उसका कारिंदा बाइक से इमारत के पास से गुजर रहे थे कि तभी बारजे के ऊपर लगी जाली उनपर गिर गई थी। जिसमें पेंटर के कारिंदे को गंभीर चोटें आई थी व वह खुद भी घायल हो गया था। हादसे के बाद ग्रामीणों के कहने पर प्रबंधन ने जालियों को हटा दिया था। मगर बारजे को नहीं हटाया गया, अब बारजा भी गिरने लगा है, जिसके चलते कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।