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बिजली संकट, अप्रैल ने बनाया फूल, 1400 मेगावाट की कमी

आज समाज डिजिटल, अंबाला:
बिजली संकट पर चल रहे प्रदेश सरकार के दावों में अप्रैल माह में फूल बनाकर रखा। इस मामले में न तो सरकार के दावे कम हो रहे हैं और न ही बिजली संकट। अप्रैल के शुरू में बिजली की मांग 6800 मेगावाट थी और अब 9000 हो गई है। इसे संतुलित करने के चक्कर में कट बढ़ते जा रहे हैं।

जून की गर्मी फूटेगी रोष के रूप में

यदि आने वाले समय में अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था नहीं हुई तो जून माह में लोगों को बहुत ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ेगी। ये गर्मी लोगों के दिमाग में गर्मी पैदा कर सकती है। इस समय पानीपत पावर प्लांट से 710, खेदड़ से 600 और यमुनानगर से 600 मेगावाट बिजली मिल रही है। अदानी कंपनी से 1421 मेगावाट और टाटा से 500 मेगावाट का करार, लेकिन दोनों के यहां से बिजली बंद है।

छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश पर नजर

नए करारों में छत्तीसगढ़ से 350 मेगावाट और मध्य प्रदेश से 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली ली जानी है। इसके लिए एचईआरसी ने अनुमति दे दी है। पूरा अप्रैल माह विभाग न कंपनियों से विवाद सुलझा सका और न ही दूसरी कंपनियों से बिजली खरीद सका। मांग और आपूर्ति में समन्वय स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार केंद्रीय पुल से 12 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली खरीद रही है। बावजूद इसके अभी बिजली की मांग और आपूर्ति में 1400 मेगावाट से ज्यादा का अंतर है। पिछली बार अधिकतम मांग 12 हजार मेगावाट थी लेकिन इस बार यह आंकड़ा 15 हजार मेगावाट को पार कर सकता है।

मांग और आपूर्ति

  • 15 अप्रैल 8100-7899
  • 16 अप्रैल 8616-8616
  • 17 अप्रैल 8297-8135
  • 18 अप्रैल 8327-7627
  • 19 अप्रैल 8572-7972
  • 20 अप्रैल 8690-7500
  • 21 अप्रैल 8559-7415
  • 22 अप्रैल 8402-7245
  • 23 अप्रैल 8377-7385
  • 24 अप्रैल 8197-7749
  • 25 अप्रैल 7894-7894
  • 26 अप्रैल 8530-7330
  • 27 अप्रैल 8914-7486
अदानी से मिल जाएगी बिजली: मंत्री

प्रदेश के बिजली मंत्री रणजीत सिंह का कहना है कि अदानी से इसी सप्ताह बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी। आगामी दस दिनों में लगभग 1500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था हो जाएगी। लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।

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