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पाश्चात्य सभ्यता के कारण भारतीय समाज में भी मानसिक एवं वैचारिक प्रदूषण का खतरा पैदा हो गया : रामा भाई

आज समाज डिजिटल, पानीपत :
पानीपत। संत श्री आशारामजी आश्रम पानीपत, गाँव डाडोला में बापू के शिष्य रामा भाई द्वारा सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें बहुत बड़ी संख्या में बापू के भक्त प्रेमी लोग उपस्थित रहे। सत्संग में सनातन धर्म एवं हिन्दू संस्कृती के नियमों का पालन करने के लिए आह्वान किया गया। उन्होंने कहा कि पाश्चात्य सभ्यता का अंधाधुंध अनुकरण करने के कारण भारतीय समाज में भी मानसिक एवं वैचारिक प्रदूषण का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कई क्षेत्रों में पैसों के लालच में हो रहे धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर भी चिन्ता व्यक्त की एवं विपरीत परिस्थितियों में भी स्वधर्म में टिके रहने की सलाह दी।

तुलसी के धार्मिक एवं औषधीय महत्व को भी विस्तार पूर्वक समझाया

सन्त श्री आशाराम बापू द्वारा प्रेरित प्रतिवर्ष 25 दिसम्बर को तुलसी पूजन दिवस धूमधाम से मनाने के लिए समाज के सभी वर्गों को उत्साहित किया और तुलसी के धार्मिक एवं औषधीय महत्व को भी विस्तार पूर्वक समझाया गया। आज के आयोजन में ग्राम डाडोला के नव निर्वाचित सरपंच ऋषि पालजी एवं सम्पूर्ण पंचायत के सदस्यों ने स्वामी जी का आश्रम परिसर में पहुंच कर करताल ध्वनि से स्वागत किया एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। सत्संग में सर्व श्री शामलाल गर्ग, प्रधान राम मेहर, सुभाष मलिक वेद प्रकाश, राजीव एवं युवा सेवा संघ के सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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