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विश्व जैव ईंधन दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने पानीपत में इंडियन ऑयल के दूसरे जनरेशन के इथेनॉल संयंत्र को राष्ट्र को समर्पित किया

आज समाज डिजिटल, Panipat News :
पानीपत। भारत के  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने बुधवार को विश्व जैव ईंधन दिवस के रूप में मनाते हुए पानीपत में इंडियन ऑयल (इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड) की दूसरे जनरेशन के इथेनॉल प्लांट को राष्ट्र को समर्पित किया।
प्रधानमंत्री ने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और आवास तथा शहरी मामलों के मंत्री, हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा श्रम और रोजगार राज्य मंत्री, रामेश्वर तेली, कृष्ण लाल पंवार, संसद सदस्य (राज्य सभा), संजय भाटिया संसद सदस्य (लोक सभा), पंकज जैन सचिव, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, आनंद मोहन शरण अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार, अध्यक्ष, इंडियनऑयल और इंडियनऑयल के निदेशक मंडल की उपस्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इंडियनऑयल के नए जैव ऊर्जा संयंत्र को राष्ट्र को समर्पित किया।

भारत में वेस्ट टू वेल्थ के प्रयासों का एक नया अध्याय जुड़ेगा

पानीपत में इंडियनऑयल का दूसरे जनरेशन (2जी) का इथेनॉल प्लांट, अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीक पर आधारित है जो कि मोटर स्पिरिट (पेट्रोल) के साथ सम्मिश्रण हेतु सालाना 2 लाख टन धान के भूसे (पराली) का उपयोग करके 3 करोड़ लीटर इथेनॉल उत्पन्न कर भारत में वेस्ट टू वेल्थ के प्रयासों का एक नया अध्याय जुड़ेगा। यह एशिया में अपनी तरह का पहला संयंत्र है। भारत सरकार के 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडेड मोटर स्पिरिट के लक्ष्य को पूरा करने के लिए इस संयंत्र से उत्पादित इथेनॉल को मोटर स्पिरिट (पेट्रोल) के साथ मिश्रित किया जाएगा।

 

Panipat News/On World Biofuel Day PM Narendra Modi dedicates IndianOil's 2nd Generation Ethanol Plant at Panipat to the nation
Panipat News/On World Biofuel Day PM Narendra Modi dedicates IndianOil’s 2nd Generation Ethanol Plant at Panipat to the nation

200 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे

इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स से लगभग 1.5 किमी की दूरी पर 909 करोड़ (अनुमानित) रुपए की लागत से स्थापित प्लांट के संचालन के लिए 200 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इस परियोजना में इथेनॉल उत्पादन इकाइयाँ, उपयोगिता उत्पादन प्रणालियाँ शामिल हैं, और यह एक शून्य तरल निर्वहन सुविधा होगी। मेसर्स प्राज इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा विकसित ‘इन्फिनिटी’ तकनीक पर आधारित, यह परियोजना भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए एक बड़ी छलांग है।

 

 

Panipat News/On World Biofuel Day PM Narendra Modi dedicates IndianOil's 2nd Generation Ethanol Plant at Panipat to the nation
Panipat News/On World Biofuel Day PM Narendra Modi dedicates IndianOil’s 2nd Generation Ethanol Plant at Panipat to the nation

सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ प्राप्त होंगे

इस परियोजना से कई सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ प्राप्त होंगे। किसानों से कृषि-अवशेषों के संग्रह से उनकी प्रत्यक्ष आय में वृद्धि करने में मदद मिलेगी। संयंत्र की फीडस्टॉक, जिसकी सालाना आवश्यकता, लगभग 2 लाख टन धान की पुआल (पराली) है को लगभग 90,000 किसानों से एकत्र किया जाएगा। इस पराली को 60 किलोमीटर के दायरे में विकेंद्रीकृत संग्रह डिपो के माध्यम से एकत्र किया जाएगा। यह सोर्सिंग प्रक्रिया इस क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में लगभग 1050 नौकरियों का सृजन करेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

पराली जो खेतों में जलाई जा रही थी, अब फीडस्टॉक के रूप में उपयोग की जाएगी

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस इकाई की स्थापना के साथ, पराली जो खेतों में जलाई जा रही थी, अब फीडस्टॉक के रूप में उपयोग की जाएगी। इससे ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन में लगभग 3,00,000 मीट्रिक टन की उल्लेखनीय कमी आएगी, जो भारतीय सड़कों पर सालाना लगभग 63,000 कारों को प्रतिस्थापित करने के बराबर है। इसके अलावा, यह इथेनॉल राजस्व, जीएसटी आय उत्पन्न करेगा और महत्वपूर्ण विदेशी मुद्रा बचत में योगदान देगा और इस प्रकार भारतीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाएगा।

 

Panipat News/On World Biofuel Day PM Narendra Modi dedicates IndianOil's 2nd Generation Ethanol Plant at Panipat to the nation
Panipat News/On World Biofuel Day PM Narendra Modi dedicates IndianOil’s 2nd Generation Ethanol Plant at Panipat to the nation

ये पहल इंडियन ऑयल की हरित पथ पर पकड़ बढ़ा रही है

इथेनॉल का उत्पादन लिग्नोसेल्यूलोसिक बायोमास फीडस्टॉक से होता है जिसे वूड बायोमास, कृषि अवशेष और ऊर्जा फसलों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। विशिष्ट लिग्नोसेल्यूलोसिक बायोमास जिससे इथेनॉल का उत्पादन किया जा सकता है, वे हैं धान की पुआल (पराली), मक्का के डंठल, मकई के दाने और पैरे हुए गन्ने की छाल। इथेनॉल के अलावा, इंडियनऑयल बायोगैस जैसे अन्य जैव ईंधन की खोज कर रहा है। एसएटीएटी पहल के तहत, कॉर्पोरेशन, कम्प्रेस्ड बायो गैस (सी बी जी) के उत्पादन और आपूर्ति के लिए हितधारकों के साथ साझेदारी कर रहा है। इंडियनऑयल पहले से ही देश की शुद्ध-शून्य प्रतिबद्धताओं के अनुरूप चल रहा है। वर्तमान में, इसमें 237.77 मेगावाट अक्षय ऊर्जा का पोर्टफोलियो है जिसमें 167.6 मेगावाट पवन (विंड) क्षमता और 70.17 मेगावाट सौर फोटो वोल्टाइक क्षमता शामिल है।

ये रहे मौजूद

पानीपत और मथुरा रिफाइनरियों में हरित हाइड्रोजन संयंत्रों की परिकल्पना की गई है जो इस दिशा में एक और छलांग होगी। ये पहल इंडियन ऑयल की हरित पथ पर पकड़ बढ़ा रही है। जैव ईंधन क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा किए गए विभिन्न प्रयासों को उजागर करने और पर्यावरणीय स्थिरता के लिए वैकल्पिक ईंधन विकल्पों पर जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 10 अगस्त को विश्व जैव ईंधन दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री रामेश्वर तेली, लोकसभा सांसद संजय भाटिया, राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पंवार, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव आन्नद मोहनशरण, इंडियन ऑयल के अध्यक्ष और इंडियन ऑयल के निदेशक, डीसी सुशील सारवान, एसपी शशांक कुमार सावन, एसडीएम वीरेन्द्र ढुल भी उपस्थित रहे।

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