Homeहरियाणापानीपतकचरा प्रबंध में अधिकारी किसी भी प्रकार की कोताही ना बरते: प्रीतमपाल

कचरा प्रबंध में अधिकारी किसी भी प्रकार की कोताही ना बरते: प्रीतमपाल

  • अधिकारियों को कचरा प्रबंधन पर करना होगा फोकस
आज समाज डिजिटल, पानीपत :
पानीपत। ग्रीन ट्रिब्यूनल की स्टेट मॉनीटरिंग कमेटी के चेयरमैन जस्टिस प्रीतमपाल सिंह ने जिला में प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए हर आवश्यक उपाय किए जाए। जस्टिस प्रीतमपाल सिंह ने आज वीडियो कांफ्रैंसिंग के माध्यम से पानीपत एवं कई अन्य जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण उपायों की समीक्षा की। उन्होंने ना केवल ठोस कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक वेस्ट, बायोमेडिकल वेस्ट और औद्योगिक कचरे के उचित प्रबंधन के उपायों के बारे में जानकारी ली बल्कि उपायों में संशोधन करने के बारे में अपने सुझाव भी दिए, साथ ही कहा कि कचरा प्रबंधन में अधिकारी किसी प्रकार की कोताही ना करें।

कचरा प्रबंधन को लेकर प्रशासन प्रारंभ से ही सक्रिय रहा है

उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि कचरा प्रबंधन को लेकर प्रशासन प्रारंभ से ही सक्रिय रहा है। ज्यादातर बिंदुओं पर कार्य किया जा चुका है व कुछ बिंदुओं पर तीव्रता से कार्य किया जा रहा है। कुछ बिंदुओं पर दिसंबर माह के अंत तक व कुछ बचा कार्य मार्च 2023 तक पूरा कर लिया जायेगा। उपायुक्त ने बताया कि पानीपत व समालखा से निकलने वाले कचरे को उठाने के लिए एक कंपनी को टेंडर दिया हुआ है जो डोर टू डोर जाकर कचरे का संग्रह करती है व उसे मुरथल में बनाये गये सैंटर में ट्रिटमेंट के लिए भेजती है। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि प्लास्टिक कचरे के लिए भी व्यापक प्रबंध किये गये हैं जेबीएम कंपनी के माध्यम से उसे मुरथल में बनाये गये सैंटर में ट्रिटमेंट के लिए भेजा जाता है।

वायु प्रदूषण एवं ध्वनी प्रदूषण नियंत्रण सम्बंधी जानकारी भी दी

उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि मकान निर्माण के दौरान निकलने वाले कचरे का व्यापक प्रबंधन भी प्रशासन ने किया हुआ है। मकान निर्माण के दौरान निकलने वाले कचरे के लिए नगर में दत्ता कालोनी व आजाद नगर में दो अलग-अलग स्थानों पर सेंटर बनाए गए हैं जहां कचरा संग्रहित कर उसे अमल में लाया जाता है। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि बायो मैडिकल कचरे के प्रबंधन के लिए करनाल में सैंटर बनाया गया है जहां कचरे को इकटठा करके भेजा जाता है। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि वायु प्रदूषण एवं ध्वनी प्रदूषण नियंत्रण सम्बंधी जानकारी भी दी। इस मौके पर जिला परिषद के सीइओ विवेक चौधरी, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी सुमित चौधरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत आहूजा, कृषि विभाग के उप निदेशक वजीर सिंह, पशुपालन विभाग के उप निदेशक संजय आंतिल व कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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