Homeहरियाणापानीपत1947 विभाजन के शहीदों को श्रद्धांजलि देने हेतु निकाला कैंडल मार्च

1947 विभाजन के शहीदों को श्रद्धांजलि देने हेतु निकाला कैंडल मार्च

आज समाज डिजिटल, Panipat News :
पानीपत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हर वर्ष मनाने की ऐतिहासिक घोषणा के बाद, प्रथम वर्ष का आयोजन 1947 विभाजन के शहीदों को श्रद्धांजलि देने हेतु शहरी विधायक प्रमोद विज के कार्यालय में किया गया, इस कार्यक्रम में विभाजन के समय पश्चिमी पंजाब से आए चौधरी नीति सैन भाटिया, रामस्वरूप ग्रोवर राम रखा मनुजा,  इंद्रसेन बत्रा को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभाजन के शहीदों की स्मृति में एक कैंडल मार्च भी निकाला गया। यह मार्च विधायक के कार्यालय से मुख्य बाजारों से निकाला गया, जिसका लाल बत्ती स्थित संविधान चौंक पर समापन किया गया।

विभाजन के समय की त्रासदी के चलचित्र भी उपस्थित लोगों को दिखाए गए

कैंडल मार्च के आगे शहीदों के सम्मान में जलाई गई ज्योत को सर्वप्रथम सांसद संजय भाटिया, सांसद कृष्ण लाल पंवार,  विधायक प्रमोद विज ने अपना शीश नवाकर वाहन को अपने कर कमलों से खींचा। इस अवसर पर विभाजन के समय की त्रासदी के चलचित्र भी उपस्थित लोगों को दिखाए गए। जिसको देख कर लोग अत्यंत भावुक हुए जिससे आज के युवा वर्ग सहित सभी सभागार में उपस्थित लोगों अश्रुपूरित नेत्रों से अपने अपने परिवार के अनाम शहीदों की याद में खो गए।

हरियाणा को अस्तित्व में आए 55 वर्ष हो गए

इस कार्यक्रम मे अपने भाव प्रकट करते हुए करनाल लोकसभा सांसद संजय भाटिया ने कहा कि हिंदुस्तान को आजाद हुए 75 वर्ष हो चुके हैं व हरियाणा को अस्तित्व में आए 55 वर्ष हो गए हैं । देश में एक ऐसा महाविस्थापित स्वाभिमानी समुदाय/समाज है, जिसमें  हिंदू एवं सिख आदि शामिल हैं। लगभग सवा करोड़ के करीब हमारे पूर्वजों पर बंटवारे के दौरान दर्दनाक अत्याचार झेलना पड़ा था। हमारी बहू, बेटियों, बहनों को क्रूरता का सामना करना पड़ा था। और उनको अपनी जन्मभूमि, चल-अचल संपत्ति को छोड़ कर आना पड़ा व लाखों लोगों को कुर्बानी देनी पड़ी थी।

हर जिला स्तर पर त्रासदी से प्रभावित लाखों बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी

इस कुर्बानी को तत्कालीन केन्द्र व राज्यों की सरकारों ने अज्ञात कारणों से भूला दिया, लेकिन देश केप्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने हमारे पूर्वजों के बलिदान को ध्यान में रखते हुए 15 अगस्त, 2021 को लाल किले की प्राचीर से ऐतिहासिक पहल की। अब से देश लाखों लोगों के बलिदान को हर वर्ष 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाएगा। प्रधानमंत्री  की घोषणा की पालना करते हुए, मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की श्रंखला में हर जिला स्तर पर त्रासदी से प्रभावित लाखों बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

छोटे छोटे बच्चो को भी जालिमों ने नही बख्शा

इस पर केंद्र सरकार और हरियाणा मिलकर एक शहीदी स्मारक कुरुक्षेत्र में बना रही है, कार्यकम में उस वक्त के पश्चिमी पंजाब वर्तमान पाकिस्तान से आए बुजर्गो ने उस वक्त जो काल के कुचक्र घटित हुआ वो रोंगटे कर देने वाले घटनाक्रम बताया। उन्होंने बताया किस प्रकार  लोगो पर जुल्म ढहाए गए। छोटे छोटे बच्चो को भी जालिमों ने नही बख्शा। महिलाओं को बुरी तरह बे आबरू किया।। बुजर्गों दुवारों सुनाई गई भयवाह घटनाओं से लोगों में रोष व दुःख के मिले जुले भाव प्रकट हो रहें थे। युवा लोग ये सोच कर बड़े गमगीन थे की हमारे पूर्वजों ने कितने अत्याचार सहे।
भेदभाव विघटन वाली घटनाओं से प्रभावित ना हो एकता बनाए रखे
कार्यकम में बोलते हुए विधायक प्रमोद विज ने कहा की जो समय गुजर गया उसको तो हम वापिस नही ला सकते, परंतु भविष्य में ऐसा ना हो हम एक जुट रहें। किसी प्रकार के भेदभाव विघटन वाली घटनाओं से प्रभावित ना हो एकता बनाए रखे। आज हमारे मध्य में वो सम्मानित बुजर्ग उपस्थित है जिन्होंने इस दर्दनाक  मंजर को देखा है। हमे अपने बच्चो को भी ये सब बताना चहिए। ताकि इतिहास याद रहें व भविष्य के लिए प्रेरणा ले सके। कार्यकम में मुख्य रूप से कार्यकम के संयोजक रविन्द्र भाटिया, सहसंयोजक अनिल मदान, सहसंयोजक सतीश सहगल, विक्की कत्याल, शंभू लखीना, जिला महामंत्री कृष्ण छोकर, देवेंद्र दत्ता, तरुण गांधी, विशाल गोस्वामी, प्रमोद शर्मा, पंकज शर्मा, कमल गोस्वामी, स हरचरण सिंह धम्मू, पूर्व मेयर भूपेन्द्र सिंह संयुक्त व्यापार मंडल के प्रधान दर्शन लाल बजाज आदि मुख्य रूप से मोजूद रहे।

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