Homeहरियाणापानीपतऋषिकेश से आए ब्रह्म स्वरूपानंदजी महाराज ने गीता पाठ पर संदेश दिया

ऋषिकेश से आए ब्रह्म स्वरूपानंदजी महाराज ने गीता पाठ पर संदेश दिया

आज समाज डिजिटल, पानीपत :
पानीपत। जन सेवा दल द्वारा गुरुवार को सिद्ध बाबा काशी गिरी मंदिर में अवधूत गीता प्रवचन का आध्यात्मिक आयोजन 1008 पूज्य ब्रह्मलीनस्वामी श्री विशुद्धानंद जी महाराज की पावन प्रेरणा से आयोजित किया। समारोह में 1008 परम पूज्य स्वामी ब्रह्म स्वरूपानंदजी महाराज मानव चेतना आश्रम ऋषिकेश से सादर पधारे। समारोह में उपस्थित जिज्ञासु के समक्ष पूज्य महाराज ने कहा कि अविनाशी प्रभु हर घट में समाया है, जबकि हम बाहर के आवरण में भ्रमित हैं। निर्मल मन से ही हमें ईश्वर की प्राप्ति हो सकती है और हम 84 लाख योनियों के चक्कर से केवल प्रभु की भक्ति से ही मोक्ष की प्राप्ति संभव है।

 

Panipat News/Brahma Swaroopanandji Maharaj who came from Rishikesh gave message on Gita recitation
Panipat News/Brahma Swaroopanandji Maharaj who came from Rishikesh gave message on Gita recitation

मोह अज्ञानता के वशीभूत अर्जुन को सद मार्ग केवल आत्म ज्ञान से मिला

उन्होंने कहा कि श्री भागवत गीता में स्पष्ट है कि मोह अज्ञानता के वशीभूत अर्जुन को सद मार्ग केवल आत्म ज्ञान से मिला। अज्ञानता कर्मा से भरे घड़े से दुर्योधन को अधर्म की राह मिली। दुर्योधन अज्ञानता के कारण अपना सब कुछ लुटा बैठे। केवल आज तो विश्वास ही हमें ईश्वर दर्शन करा सकती है। काशी के मंदिर के प्रधान हरीश खुराना अपनी पूरी टीम के साथ महाराज का फूल मालाओं से स्वागत किया। अंसल से आए जयप्रकाश राम बुद्धि राजा जी ने महाराज से आशीर्वाद लिया। जन सेवा दल से प्रधान श्री कृष्ण मनचंदा, युद्धिष्टर शर्मा लेखराज जताना, राजकुमार मनोचा, कमल गुलाटी, जगन्नाथ नागपाल, सरदार इकबाल सिंह, राकेश गांधी, कपिल ग्रोवर, रामनाथ शास्त्री ने पूरी टीम के साथ महाराज का स्वागत किया।
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