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फाइनेंसर रमेश की हत्या की वारदात का पर्दाफाश – चार आरोपी काबू

आज समाज डिजिटल, Panipat News :
पानीपत। बिशन स्वरूप कॉलोनी में फाइनेंस के ऑफिस में हुई फाईनेंसर रमेश की हत्या की वारदात का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 4 आरोपियों को काबू किया है। आरोपियों से की गई प्रारंम्भिक पुलिस पुछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने ऑफिस से 25 लाख रुपए लूटने के बाद फाईनेंसर रमेश की हत्या की थी। एसपी शशांक कुमार सावन ने लघु सचिवालय के तृतीय तल पर स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रेस वार्ता कर जानकारी देते हुए बताया कि बिशन स्वरूप कॉलोनी में स्थित फाइनेंस के ऑफिस में हुई फाईनेंसर रमेश की हत्या की वारदात को सफलता पूर्वक सूलझाते हुए सीआईए-वन पुलिस की टीम ने वारदात को अंजाम देने वाले चारों आरोपियो को काबू करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। आरोपी 11 जून को दिन के समय ऑफिस में बैठे फाइनेंसर रमेश के हाथ, मुह व पाव को टेप से बांध चोट मारकर हत्या कर नगदी लूटकर फरार हो गए थे।

सीआईए-वन को सौंपी थी जिम्मेवारी

एसपी शशांक कुमार ने बताया उन्होंने मामले की गंम्भीरता को देखते हुए आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने की जिम्मेवारी सीआईए-वन प्रभारी इंस्पेक्टर राजपाल सिंह व उनकी टीम को सौंपी थी। सीआईए-वन पुलिस टीम वारदात स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरा में कैद फुटेज को खंगालते हुए विभिन्न पहलुओं पर गहनता से छानबीन करने के साथ ही आरोपियों के संभावित ठीकानों पर दबिश दे रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को वीरवार सायं आरोपियों के रोहतक गोहाना बाइपास पर दिल्ली पैरलल नहर पुल के पास खड़े होने बारे जानकारी मिली। पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश देकर चारों आरोपियों को काबू किया। आरोपी पानीपत से भागने की फिराक में थे।

 

 

Panipat News/financier ramesh murder case busted Four accused arrested
Panipat News/financier ramesh murder case busted Four accused arrested

भनक लग गई कि ऑफिस में रमेश के पास हर समय पैसा रहता है

पकड़े गए आरोपियों की पहचान दीपक उर्फ दीपू पुत्र सोहन पाल निवासी वधावाराम कॉलोनी, मंजीत उर्फ मोनू पुत्र सुखबीर निवासी सिवाह, सितेंद्र उर्फ मोहित पुत्र शमशेर व सुमित उर्फ मोनू पुत्र हरदीप निवासी धनसौली पानीपत के रूप में हुई। आरोपी दीपक कुछ समय पहले काम से फाइनेंसर रमेश के ऑफिस में गया था, उसको जानकारी थी कि ऑफिस में हर समय पैसे रहते है। आरोपी दीपक फैक्टरीयों में कपड़े की छटाई का ठेका लेकर काम करता था। वह कुछ समय पहले काम से बिशन स्वरूप कॉलोनी में फाइनेंसर रमेश के पास उसके कार्यालय में गया था। इस दौरान उसको भनक लग गई कि ऑफिस में रमेश के पास हर समय पैसा रहता है।

शार्ट कट तरीके से पैसे कमाने के लिए सट्टा खेलते थे आरोपी

दीपक की मंजीत के साथ दोस्ती थी, दोनों ने शार्ट कट तरीके से पैसे कमाने के लिए कुछ दिन पहले बिशन स्वरूप कॉलोनी में जेवेल्स होटल में किराए पर कमरा लेकर सट्टा खाईवाली का अवैध धंधा शुरू कर दिया। इसमें मंजीत ने अपने साथी सितेंद्र व सुमित को भी शामिल कर लिया। आरोपी मंजीत के उपर 10-15 लाख की देनदारी चढ़ी हुई थी। आरोपी मंजीत ने पहले बिजनेस करते हुए गांव निवासी विभिन्न लोगों का ऑनलाईन कंपनियों में पैसा लगवाया था। इसमें उसको काफी घाटा हुआ जो उसके उपर करीब 10-15 लाख रुपए की देनदारी चढ़ गई थी। दीपक को भी मंजीत के उपर चढ़े कर्ज की जानकारी थी। उसने मंजीत को फाइनेंसर के पास ऑफिस में हर समय पैसे होने की जानकारी दी।

चारों ने मिलकर फाइनेंस के ऑफिस में लूट की साजिश रची

चारों ने मिलकर फाइनेंस के ऑफिस में लूट की साजिश रची और ऑफिस की रेकी करने के लिए वारदात को अंजाम देन से 3-4 दिन पहले सीपीयू ठीक करवाने के बहाने फाइनेंस के ऑफिस में गए थे। 10 जून को आरोपी मंजीत ऑफिस में गया और गुजरात से पैसे मंगवाने की बात कही। रमेश के पास उस दिन पैसे नहीं थे तो उसने मंजीत का फोन नंबर लेकर कहा कि एक दो दिन में वह फोन करके उसको बता देगा। 11 जून को रमेश ने फोन कर मंजीत को ऑफिस में बुलाया। मंजीत साथी दीपक, सितेंद्र व सुमित को लेकर वहा पहुचां और दीपक को रखवाली के लिए बाहर खड़ा कर तीनों ऑफिस के अंदर गए और रमेश का मुंह हाथ व पैर टेप से बांधकर अलमारी में रखे 25 लाख रुपए निकाल लिए। रमेश ने विरोध किया तो आरोपियो ने पिटाई कर दी और 25 लाख रुपए लूटकर फरार हो गए थे।

4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया

एसपी शशांक कुमार सावन ने बताया गहनता से पूछताछ करने व लूटी गई 25 लाख की नगदी बरामद करने के लिए पुलिस टीम ने गिरफ्तार चारों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहा से उन्हें 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।

मृतक रमेश की पत्नी पारूल बेन की शिकायत पर मुकदमा दर्ज

थाना शहर पानीपत में गुजरात के बरोट पाटन निवासी महिला पारूल बेन ने शिकायत देकर बताया था कि वह करीब 4-5 साल से पति रमेश के साथ पानीपत की बिशन स्वरूप कॉलोनी में किराए के मकान में रह रही है। उसका पति बिशन स्वरूप कॉलोनी में घर के पास ही ऑफिस खोलकर फाईनैंस का काम करता था। 11 जून को दोपहर बाद वह पति के ऑफिस में गई तो पति रमेश जमीन पर बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ मिला, जिसके हाथ पैर व मुंह टेप से बंधे हुए थे। मकान मालिक अनिल गोयल की सहायता से वह पति को अस्पताल लेकर गई जहा डॉक्टरों ने उसे मृत घाषित कर दिया। पारूल ने शिकायत में बताया उसके पति रमेश की अज्ञात आरोपियों ने हत्या कर दी। शिकायत पर थाना शहर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 34 के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की पहचान व धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए गए थे। मामले में अनुसंधान करने पर लूट के साथ हत्या होना पाया गया इसलिए मामले में आईपीसी की धारा 392,394 भी इजाद की गई।
आरोपियों का विवरण:
1.दीपक उर्फ दीपू पुत्र सोहन पाल निवासी वधावाराम कालोनी (उम्र 37 साल, शिक्षा 12वी)
2.मंजीत उर्फ मोनू पुत्र सुखबीर निवासी सिवाह (उम्र 28 साल, शिक्षा बीएससी )
3.सितेंद्र उर्फ मोहित पुत्र शमशेर निवासी धनसौंली (उम्र 24 साल शिक्षा बीएससी )
4.सुमित उर्फ मोनू पुत्र हरदीप निवासी धनसौली (उम्र 21 साल, शिक्षा 12 वीं)
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