Homeराज्यहरियाणायमुनानगर : सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

यमुनानगर : सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

प्रभजीत सिंह लक्की, यमुनानगर :
अखिल भारतीय सरकारी राज्य कर्मचारी फैडरेशन व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर संबंधित सभी विभागों के कर्मचारियों ने जिला प्रधान महिपाल सौदे की अध्यक्षता में डीसी कार्यालय के सामने अनाज मंडी गेट पर सैंकड़ो की संख्या में इकठ्ठे होकर केंद्र व हरियाणा की बीजेपी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उसके बाद मंडी गेट से जलूस की शक्ल में भाजपा सरकार के खिलाफ मुदार्बाद के नारे लगाते हुए मिनी सचिवालय पहुंच गए और वहां जाकर अपनी मांगो का ज्ञापन प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम को सौपा। इस कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव गुलशन भारद्वाज द्वारा किया गया। विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम में मुख्य रूप से पहुंचे सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य सह सचिव मांगे राम तिगरा सीआईटीयू के जिला कोषाध्यक्ष रामकुमार काम्बोज व रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान विनोद त्यागी ने कर्मचारियों को जानकारी देते हुए अपने प्रेस बयान में बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने हाल ही में सार्वजनिक सम्पत्ति को राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन नीति के तहत लीज पर देकर आने वाले चार सालों में 6 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा है। इनमें मुख्य रूप से 26700 किलोमीटर सड़के, 400 रेलवे स्टेशन व 150 ट्रेन, 42300 किलोमीटर लंबी पावर ट्रांसमिशन लाइन, 8000 किलोमीटर नेशनल गैस पाइप लाइन,5000 मेगावाट पावर जनरेशन,4000 किलोमीटर आयल पाइप लाइन, एमटीएनएल व बीएसएनएल के टावर, 160 कोयला प्रोजेक्ट के साथ हवाई अड्डे, बंदरगाह, स्टेडियम, वेयरहाउस व अर्बन रियल एस्टेट की बेशकीमती सम्पतियां शामिल है।
पावर कारपोरेशन यूनियन के सतीश जांगड़ा राजेश कुमार पवन हांडा ने बताया कि सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम सीधे जनता की मेहनत की कमाई व टैक्स पेयर्स के पैसों की खुली लूट है। वह देश की जनता के खून-पसीने की कमाई से बने सार्वजनिक क्षेत्र व उसकी सम्पतियों को कौड़ियों के भाव अपने देशी व विदेशी चहेते पुंजिपतियों को देना चाहती है। इससे जहां भृष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा वहीं समान विकास भी प्रभावित होगा। ग्रामीण क्षेत्र विकास में और पिछड़ जाएगा, क्योकि पूंजिपतियों का प्रथम लक्ष्य मुनाफा कमाना होगा, उन्हें समान विकास से कोई लेना-देना नही। इस के अतिरिक्त इस जनविरोधी फैसले से जनता को सार्वजनिक क्षेत्र से मिलने वाली जन सुविधाए जहां और महंगी होती चली जायेगी वहीं रोजगार के अवसर सिकुड़ने से बेरोजगारों का भी जमकर शोषण होगा। ऊपर से हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए चार लेबर कोड मजदूरों को गुलाम बनाकर रख देगे ।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन नीति के विरोध मे प्रदर्शन कर इस ज्ञापन के माध्यम से मांग करते है कि जनहित में इस नीति को तुरन्त रद्द किया जाए। इसके अतिरिक्त यह भी मांग की जाती है कि सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण व सम्पतियों को लीज पर देने की बजाए पब्लिक सेक्टर का विस्तार कर जनता को बेहतर सुविधाएं व बेरोजगारों को स्थाई रोजगार देने की नीति बनाई जाए। इस मौके पर नगरपालिका से प्रवेश परोचा, जनकराज, विक्की पारचा, राजिंदर सिंह, किशोरी लाल, आरएन शर्मा, विजय कुमार, शबनम, नितिन, राजकुमार, रजत शर्मा व सतीश कुमार ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया।

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