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Newborn Gets Life: बच्ची के बचने की उम्मीद छोड़ चुके थे परिजन, एक दिन की नवजात भाग्यशाली को मिला जीवनदान

भाग्य शाली को था ब्रेन हैमरेज, बंद हो गई थी धड़कन

महेंद्रगढ़ के निजी अस्पताल चिकित्सक की रही थी लापरवाही

नीरज कौशिक, महेंद्रगढ़ :

Newborn Gets Life: महेंद्रगढ़ जिले के गांव झाड़ली की एक नवजात बच्ची को ब्रेन हेमरेज हो गया। नवजात बच्ची के बचने के एक प्रतिशत भी चांस नहीं थे। इस बच्ची का जन्म महेंद्रगढ़ के निजी अस्पताल में हुआ था वहां से बच्ची को रेफर कर दिया फिर परिजन उसे एक अन्य निजी अस्पताल महेंद्रगढ़ लेकर आए वहां पर अस्पताल के चिकित्सकों ने एक दिन की बच्ची को वेल्टीनेटर पर सुला दिया जिससे बच्ची की तबीयत और खराब हो गई।

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नवजात को मृत समझकर दफनाने जा रहे थे परिजन Newborn Gets Life

निजी अस्पताल से भी चिकित्सकों ने बच्ची को रेफर कर दिया। इससे परिजन बच्ची को कभी हिसार तो कभी भिवानी में निजी अस्पताल लेकर गए लेकिन सभी चिकित्सकों ने जवाब दे दिया था। इससे परिजनों के लाखों रुपए भी खर्च हो गए।

बच्ची के परिजन नवजात को मरी हुई समझकर हिसार के अस्पताल से महेंद्रगढ़ के गांव झाड़ली में दफनाने के लिए आ ही रहे थे तो भिवानी पहुंचते ही बच्ची ने अचानक कुछ हरकत की और दिल की धकड़न तेज हो गई। परिजन बच्ची को आनन-फानन में भिवानी के नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहा पर डॉ. रीटा और उनकी टीम के सदस्यों ने अथक प्रयास के बाद बच्ची को बचा लिया।

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एक प्रतिशत भी नहीं थी नवजात के बचने की उम्मीद Newborn Gets Life

गांव झाड़ली निवासी बच्ची के दादा राजेश शर्मा झाड़ली ने बताया कि उसके बड़े भाई अशोक भारद्वाज के यहां पोती हुई थी। जिसका एक प्रतिशत भी बचने के चांस नहीं था। उन्होंने बच्ची को महेंद्रगढ़, भिवानी व हिसार से चिकित्सकों को दिखाया लेकिन सभी निजी अस्पतालों में उन्हें निराशा ही हाथ लगी थी।

जवाब मिलता था कि बच्ची को ब्रेन हेमरेज है। एक नस फट चुकी और एक नस जम चुकी है। चिकित्सकों ने हर जगह जवाब दे दिया, बच्ची की एक प्रतिशत भी बचने की उम्मीद नहीं थी, वह, उसका छोटा भाई अशोक भारद्वाज व बड़ा भाई तो इस पोती को मरा हुआ समझकर दफनाने के लिए हिसार से महेंद्रगढ़ स्थित गांव झाड़ली के लिए आ रहे थे।

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भिवानी के सीएमओ ने दी हिम्मत, जिससे जंग जीत गई नवजात Newborn Gets Life

वह बच्ची को बिना आॅक्सीजन और बिना वैल्टीलेटर के ला रहे थे लेकिन भाग्यशाली बेटी को लेकर हिसार से भिवानी 2 घंटे में पहुंचे तो नवजात बच्ची कुछ कहराई और दिल की धड़कन तेज हुई तो वह नागरिक अस्पताल भिवानी के सीएमओं डॉ. रघबीर शांडिल्य और डिप्टी सीएमओ को सारी बात बताई। उन्होंने बच्ची को अस्पताल में भर्ती करवा दिया। वहां पर डॉ. रीटा और उनकी टीम के अथक प्रयास से नवजात बच्ची को बचा लिया।

उन्होंने बताया कि इस प्रयास में दिनोद गेट स्थित विनोद अंचल अस्पताल का भी बड़ा योगदान है की जब बच्ची को वेल्टीनेटर व आॅक्सीजन की जरूरत हुई तो उन्होंने इस बच्ची को सभी सुविधाए नि:शुल्क दी। परिजन जिस बच्ची के जीने की उम्मीद छोड़ चुके थे, अब भगवान व चिकित्सकों की दुआओं के बल पर यह बेटी हमारी गोद में खेलेगी।

बच्ची के बचने पर लोगों ने दी शुभकामनाएं Newborn Gets Life

उन्होंने बताया कि इस बच्ची को छोटे-बड़े 8 सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों में दिखाया। लेकिन हर अस्पताल में जवाब मिलता गया। बच्ची के बचने पर भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य सुधीर दीवान, पूर्व जिला प्रमुख सुरेंद्र कौशिक, पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी आरपी कौशिक, श्री कृष्णा स्कूल के एमडी कर्मवीर राव, मॉडर्न स्कूल के प्राचार्य प्रदीप तंवर, प्रवक्ता सुरेंद्र गाहड़ा, प्रवक्ता दिनेश शर्मा, पप्पू अहलावत, ओम साईं राम स्कूल के चेयरमैन रमेश सैनी, वीबीएन स्कूल के प्राचार्य लक्ष्मण सिंह तंवर, प्रवक्ता दिनेश कुमार, प्रवक्ता पंकज राव, डॉ. कृष्ण राव नांगल सिरोही, पंकज सेठ, अवधेश यादव, सुभाष यादव डीपी भाखरी, नवीन डीपी, बृजेश शर्मा, निखिल शर्मा झाड़ली, वासुदेव सैनी, महेंद्र स्वामी व कृष्ण शर्मा झाड़ली ने शुभकामनाएं दी।

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