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एन.एच.एम. में अनुबंध आधार पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए रेगुलराइज पालिसी बनाये सरकार :रानी गहलावत Multi Purpose Health Employees Union Haryana

नीरज कौशिक, महेंद्रगढ़:

Multi Purpose Health Employees Union Haryana: बहु उद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में अनुबन्ध आधार पर कार्यरत महिला एमपीएचडब्लु के लिए रेगुलर करने की पॉलिसी बनाने की मांग की है।(Multi Purpose Health Employees Union Haryana) एसोसिएशन की राज्य प्रधान रानी गहलावत वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुकेश चौहान व महासचिव हरिनिवास में जारी बयान में कहा कि महिला एमपीएचडब्लू राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में पिछले लगभग 15 साल से काम कर रही हैं। लेकिन आज तक उनकी नोकरी पर तलवार लटकी हुई है, नियमित कर्मचारिकाओं के समान काम करने के बावजूद कम वेतन दिया जा रहा है जो कि माननीय न्यायालय के समान काम समान वेतन के आदेशों का भी उलंघन किया जा रहा है। बेटी बचाओ का नारा देने वाली सरकार में एमपीएचडब्लु बेटियां आर्थिक शोषण का शिकार हैं।

(Multi Purpose Health Employees Union Haryana)एसोसिएशन सरकार से मांग करती है कि जो महिला एमपीएचडब्लु विभाग में 15 वर्ष या ज्यादा से सेवाएं दे रही है उन्हें नियमित किया जाए । राज्य महासचिव ने माननीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ पूर्व में हुए समझौतों व मिशन निदेशक के साथ 5 अप्रैल को हुई वार्ता अनुसार एन.एच.एम. में कार्यरत महिला एमपीएचडब्लु को सांतवे वेतन आयोग का लाभ देते हुए कैडर के मूल वेतनमान 4200 ग्रेड पे व भत्तों का लाभ भी देने की मांग की है।

पदों में कटौती को लेकर एमपीएचडब्लु अमला लामबंद Multi Purpose Health Employees Union Haryana

Multi Purpose Health Employees Union Haryana

नए नोर्म का हवाला देकर एमपीएचडब्लु व एम पी एच एस के पदों में कटौती किये जाने से प्रदेश का एमपीएचडब्लु अमला भारी रोष में है। महासचिव हरिनिवास ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार के नए नोर्म अनुसार हर शहरी क्षेत्र में केवल 6 एमपीएचडब्लु व एक सुपरवाइजर कार्य करेंगे जबकि हरियाणा के विभिन्न शहरों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में न रखते हुए ये नोर्म बनाये गए हैं उदाहरण के लिए झज्जर शहर की आबादी की 85000 व फरीदाबाद व गुरुग्राम की आबादी 15 लाख से ज्यादा है। पदों में कटौती का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा| राज्य प्रधान रानी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से तुरंत संज्ञान लेते हुए पद कटौती के फैसले को वापिस लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि पद पुनः बहाल नहीं किये गए तो प्रदेश का एमपीएचडब्लु वर्ग बड़े आंदोलन की राह पर होगा।

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