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पशु चिकित्सालय नांगल चौधरी में लगेगा लुवास यूनिवर्सिटी के मिनरल मिक्सचर का कैंप

नीरज कौशिक, महेंद्रगढ़:

हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ द्वारा पशु चिकित्सालय नांगल चौधरी में लुवास यूनिवर्सिटी का मिनरल मिक्सचर कैंप का आयोजन शुक्रवार दिनांक 01 दिसम्बर को किया जा रहा है। इस कैंप का आयोजन वैज्ञानिक डॉ. देवेन्द्र सिंह द्वारा, डॉ. विनय, डॉ. मोहन सिंह, डॉ. विजय, राजेन्द्र वी.एल.डी व अन्य नांगल चौधरी ब्लॉक के पशु चिकित्सकों के सहयोग से डॉ. रमेश कुमार, रीजनल डायरेक्टर एवं डॉ. नसीब सिंह, उपनिदेशक, पशुपलान एवं डेयेरी विभाग के दिशा निर्देशन में किया जायगा।

पशु उत्पादन में अत्यधिक कमी का कारण

पशु चिकित्सकों ने पशुपालकों से अनुरोध किया की दिनांक 01 दिसम्बर को सुबह 10 बजे इस कैंप में मिनरल मिक्सचर लेने के लिए पशु चिकित्सालय नांगल चौधरी में पहुंचें । डॉ. देवेन्द्र ने बताया की अमूमन सुखा ग्रसित इलाकों में हरे चारे की भारी कमी के कारण पशुओं के शरीर में खनिजो (जैसे कॉपर, लोहा, जस्ता, कैल्शियम फोस्फोरस इत्यादि) की कमी हो जाती हैं जिस वजह से ये पशुओं में प्रजनन व दूध उत्पादन की कमी हो जाती है। पशुओं में खनिजो की कमी के कारण पशु उत्पादन में अत्यधिक कमी के साथ-साथ, लंगड़ापन, प्रजनन सम्बन्धी अनेकों बीमारियां जैसे पशुओ में बांझपन्न, पशु का समय पर गर्मी में न आना, पशु का बार-बार फिरना, पशु का गर्मी के लक्षण न दिखाना, पशुओं में जेर अटकना, पशु में गर्भधारण न होना, पशुओं में फूल/शरीर दिखाने की समस्या, पशुओं में दुग्धज्वर, दूध उत्पादन में कमी होना आदि । साथ ही पशुओं में ब्याने के पश्चात शरीर में कैल्शियम की कमी की वजह से दुग्ध ज्वर की समस्यां हो जाती हैं, जिससे पशुओं में सुन्न्पात, दूध उत्पादन में कमी आदि लक्षण आते हैं। इन सभी समस्याओं का एक ही बचाव होता हैं, नियमित रूप से खनिज मिश्रण दिया जाना।

खनिज मिश्रण नहीं खिलाया जाता तो पशुओं में अनेक समस्याएं पैदा

लुवास यूनिवर्सिटी के खनिज मिश्रण में पशुओं के शरीर के लिए आवश्यक सभी खनिज जैसे कैल्शियम, फॉस्फोरस, आदि खनिज सही मात्रा में उपलब्ध हैं, जो पशुओं को खिलाने से उनके शरीर में सभी खनिजो की कमी को दूर करता है । दूध में सभी खनिज मौजूद होते हैं जो पशु के शरीर से दूध में जाते हैं, ऐसे में अधिक दूध देने वाले पशुओं में यदि खान पान से खनिजों आपूर्ति पूरी नहीं होती व रोजाना खनिज मिश्रण नहीं खिलाया जाता तो पशुओं में अनेक समस्याएं पैदा हो जाती हैं। दक्षिण हरियाणा के क्षेत्र पानी की कमी के कारण जहां पशुओं के लिए हरे चारे की इतनी कमी हैं वहां खनिज मिश्रण का और भी महत्त्व हो जाता हैं। पशुओं में विभिन्न कमियों से बचाव हेतु लुवास यूनिवर्सिटी के मिनरल मिक्सचर को नियमित रूप से खिलाया जाना चाहिए।

गोरतलब हैं की पहले यह मिनरल मिक्सचर केवल हिसार विश्वविद्यालय में ही उपलब्ध हो पता था, परन्तु पशुपालकों की मांग को देखते हुए, इस तरह के कम्पों के माध्यम से किसानों को यह अब आसानी से उसी मूल्य पर जो की बाजार में उपलब्ध अन्य मिनरल मिक्सचर के मुकाबले आधे से भी कम दाम में उपलब्ध होगा । ताकि जिले के हर पशुपालक तक खनिज मिश्रण के महत्त्व व जानकारियां पहुचाई जा सके। पशुपालकों को खनिज मिश्रण के इस्तेमाल को प्रोत्साहन देने के लिए ऐसे कैंप बहुत ही सहायक होते हैं।

इन कैंप का मकसद दक्षिण हरियाणा के पशुपालकों का पशुओं के आहार में खनिज मिश्रण के महत्त्व के लिए जागरूक करना हैं व पशुपालकों को व्यवसायिक डेयरी पालन में वैज्ञानिक तकनीकों से पशुपालन के लिए प्रोत्साहित करना है। इस कैंप में लुवास यूनिवर्सिटी की रिसर्च से बना यह उत्तम गुणवता वाला मिनरल मिक्सचर पशुपालकों को बाजार में उपलब्ध अन्य खिनज मिश्रण की तुलना में आधे से भी कम कीमत में उपलब्ध कराया जायगा। यह मिनरल मिक्सचर 70 रु प्रति कि.ग्रा. के रेट पर 5 कि.ग्रा. पैकिंग में उपलब्ध होगा।

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