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मनुष्य के पास सबसे बड़ी पूंजी अच्छे विचार व अच्छे संस्कार : विपिन शर्मा

नीरज कौशिक, महेंद्रगढ़:
आजादी के अमृत महोत्सव की श्रंखला में हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के दिशा-निर्देशानुसार व उपायुक्त एवं जिला बाल कल्याण परिषद के प्रधान डा. जय कृष्ण आभीर के मार्गदर्शन में आज चम्पा देवी राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अटेली मंडी में बच्चों को नैतिक मूल्यों की शिक्षा पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

नैतिक मूल्यों की शिक्षा पर जागरूकता शिविर का आयोजन

Awareness Camp On Moral Values ​​Education
Awareness Camp On Moral Values ​​Education

इस मौके पर नैतिक मूल्यों की शिक्षा के राज्य नोडल अधिकारी एवं पूर्व जिला बाल कल्याण अधिकारी विपिन कुमार शर्मा ने बताया कि मनुष्य के पास सबसे बड़ी पूंजी अच्छे विचार और अच्छे संस्कार ही हैं क्योंकि धन और बल किसी को भी गलत रास्ते पर ले जा सकते हैं, परन्तु अच्छे विचार और अच्छे संस्कार हमेशा अच्छे कार्य के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने बताया कि बिना बीज के किसी पौधे का जन्म नहीं हो सकता वैसे ही उच्च विचारों के बिना उच्च कर्म नहीं हो सकते। शुभ कर्म और अशुभ कर्म दोनों कामों के पीछे मुख्य विचार ही कारण होता है। हमारे विचारों का स्तर जितना श्रेष्ठ और पवित्र होगा हमारे कर्म भी उतने ही श्रेष्ठ व पवित्र होगें।

आज व्यक्ति एवं समाज में साम्प्रदायिक्ता, जातीयता भाषावाद्, हिंसा, अलगाववाद की संकीर्ण भावनाओं व समस्याओ के मूल में नैतिक मूल्यों का पतन ही उत्तरदायी कारण है। वास्तव में नैतिक गुणों की कोई सूची नहीं बनाई जा सकती परन्तु हम इतना अवश्य कह सकते हैं कि मनुष्य में अच्छे गुणों को हम नैतिक कह सकते हैं जो व्यक्ति के स्वयं के विकास और कल्याण के साथ दूसरों के कल्याण में भी सहायक हो। उन्होंने बताया कि नैतिक मूल्यों का समावेश जीवन के सभी क्षेत्रों में होता है। व्यक्ति परिवार, समुदाय, समाज, राष्ट्र से मानवता तक नैतिक मूल्यों की यात्रा होती है। नैतिकता समाज में सामाजिक जीवन को सुगम बनाती है। मानव को सामाजिक प्राणी होने के नाते कुछ सामाजिक नीतियों का पालन करना पड़ता है जिनमें संस्कार, सत्य, परोपकार, अहिंसा आदि शामिल है। वास्तव में ये सभी नैतिक गुणों में आते है और बच्चों को इन्हें बचपन से ही धारण कर लेना चाहिए ताकि अच्छे परिवार, समाज, राष्ट्र का निर्माण हो सकें।

कामयाब इंसान के साथ-साथ एक अच्छे इंसान बनें

उन्होंने बच्चों को उच्च श्रेणी की शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की शिक्षा को भी अवधारण करने के लिए प्रेरित किया तथा अपने बुजुर्गो, अध्यापकों व अपने सभी सगे-संबंधियों का आदर करने की अपील की तथा उनसे अनुरोध किया कि वे अपने जीवन में कामयाब इंसान के साथ-साथ एक अच्छे इंसान बनें अच्छे भारत के निर्माण में वे अपना योगदान दे सकें। उन्होनें बच्चों से खासकर अपील की कि वे अपने दादा-दादी के साथ समय अवश्य बिताएं तथा उनका अनुभव का लाभ उठाकर अपने जीवन को सफल बनाए। कार्यक्रम में मंच का संचालन डा. सीएस वर्मा प्रवक्ता व प्रमुख साहित्यकार/लेखक द्वारा किया गया। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे बताई गई सभी बातों को अपने जीवन में व्यवहारिक रूप से लागू करें तथा अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ अच्छे नागरिक भी बने।

इस अवसर पर सभी अध्यापकगण व स्कूली बच्चें रहे उपस्थित

इस अवसर पर विद्यालय प्राचार्या कुसुम यादव ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए छात्राओं से अपील की कि वे मोबाइल का सिर्फ शिक्षा से संबंधित कार्यक्रमों में प्रयोग करें तथा कम से कम इस्तेमाल करें। उन्होंने विश्वास दिलवाया कि वे अपने विद्यालय के बच्चों को प्रतिदिन नैतिक मूल्यों की शिक्षा से अवगत करके जागरूक करते रहेंगे।
इस अवसर पर बाल भवन नारनौल से सुरेन्द्र शर्मा तीरन्दाजी कोच तथा प्रवक्ता डा. राजेन्द्र यादव, प्रवक्ता दिलीप कुमार, प्रवक्ता शर्मिला यादव, प्रवक्ता रंजन कौर, प्रवक्ता मुकेश कुमार, प्रवक्ता वीना आनन्द, प्रवक्ता नवरत्न, प्रवक्ता विजय सैनी व अन्य सभी अध्यापकगण व स्कूली बच्चें उपस्थित थे।

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