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महेंद्रगढ़ : वीर सपूतों के शौर्य व पराक्रम की पहचान है कारगिल विजय : प्रो. आर.सी. कुहाड़

नीरज कौशिक, महेंद्रगढ़ :

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर हरियाणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि), महेंद्रगढ़ में भारतीय सेना के शौर्य व पराक्रम को याद किया गया। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक खण्ड तीन में स्थित विद्या वीरता स्थल पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.सी. कुहाड़ ने दीप प्रज्जवलित व पुष्प अर्पित कर सेना के वीर योद्धाओं के त्याग, बलिदान व देश के प्रति समर्पण को याद किया। कुलपति ने इस अवसर पर कहा कि कारगिल युद्ध देश की सेना द्वारा लड़ा गया ऐसा युद्ध है जिसमें जीत साबित करती है कि हमारी सेना विषम परिस्थितियों में भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने में सक्षम है। कुलपति ने इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों, अधिकारियों व शिक्षणेतर कर्मचारियों को कहा कि इस युद्ध में दुश्मन ऊंची पहाड़ियों पर बैठा था फिर भी हमारी सेना ने उसे खदेड़ने में कामयाबी हासिल की।

प्रो. कुहाड़ ने इस युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को याद किया और उनको नमन किया। उन्होंने इस अवसर पर सभी का आह्वान करते हुए सेना के वीर सपूतों व उनके आश्रितों के लिए अपने स्तर पर सहयोग की व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि देश पर अपनी जान न्यौछावर करने वालों के बलिदान के हम सदैव ऋणी हैं और अगर उनके परिवार के लिए यदि हम कुछ भी कर पाएं तो यह उनके प्रति श्रद्धांजलि होगी। कुलपति ने इस अवसर पर इसके तहत विशेष फंड विकसित करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. दिनेश कुमार गुप्ता, कुलसचिव डा. जे.पी. भूकर, प्रो. नीलम सांगवान, डा. आनन्द शर्मा, डा. विनोद कुमार, डा. प्रमोद कुमार, डा. फूल सिंह, डा. गुंजन गोयल, डा. सुरेंद्र सिंह, डा. बिजेंद्र सिंह, डा. राजेश कुमार गुप्ता, डा. हरीश कुमार, डा. संतोष, डा. पवन मौर्य, डा. पूजा यादव, डा. तेजपाल ढेवा, डा. अरुण काजला, डा. सिद्धार्थ शंकर राय, डा. नम्रता ढाका सहित अन्य शिक्षक, अधिकारी व शिक्षणेतर कर्मचारी उपस्थित रहे।

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