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Sacrifice of great sons source of inspiration: महान सपूतों का बलिदान देश की हर पीढ़ी के लिए बना रहेगा प्रेरणा स्त्रोत:सुधा

इशिका ठाकुर,कुरुक्षेत्र:
Sacrifice of great sons source of inspiration: विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि आजादी के क्रांतिदूत अमर शहीद वीर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे महान सपूतों का बलिदान देश की हर पीढ़ी के लिए हमेशा प्रेरणा स्त्रोत बना रहेगा। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव भारत के वे सच्चे सपूत थे, जिन्होंने अपनी देशभक्ति और देशप्रेम को अपने प्राणों से भी अधिक महत्व दिया और मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर कर गए।
देश की आजादी के लिए लड़ते हुए अपने प्राणों को हंसते-हंसते न्यौछावर करने वाले तीन वीर सपूतों का आज शहीद दिवस है। यह दिवस न केवल देश के प्रति सम्मान और हिंदुस्तानी होने का गौरव का अनुभव कराता है, बल्कि वीर सपूतों के बलिदान को सच्चे मन से श्रद्धांजलि देता है।

वीरों ने हंसते हंसते तख्ते पर चढक़र फंदे को चूमा

विधायक सुभाष सुधा बुधवार को आजादी के अमृत महोत्सव को लेकर सर्किट हाउस में शहीदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले विधायक सुभाष सुधा, पूर्व चेयरमैन देवी दयाल शर्मा, पूर्व चेयरमेन सुरेश सैनी कु्क्कु, दीपक सिडाना, समाजसेवी अश्विनी अरोड़ा, प्रदीप झांब सहित अन्य गणमान्य लोगों व भाजपा कार्यकर्ताओं व नेताओं ने शहीद भगत सिंह, शहीद सुखदेव व राजगुरु के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी है।
विधायक ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव का नाम आदरपूर्वक लिया जाता है। 23 मार्च 1931 के दिन शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव को लाहौर सेंट्रल जेल में फांसी दी गई। इस से पूरे देश में अंग्रेजो के प्रति रोष की लहर दौड़ गई थी। इन वीरों ने हंसते हंसते फांसी के तख्ते पर चढक़र फांसी के फंदे को चूमा और फिर अपने ही हाथों से उसे सहर्ष गले में डाल लिया।

वीरों की शहादत के कारण ही देशवासियों को आजादी मिली

उन्होंने कहा कि इन वीरों की शहादत के कारण ही देशवासियों को आजादी मिली और अंग्रेजों को देश छोड़ कर जाना पड़ा। आजादी के अमृत महोत्सव को लेकर 15 अगस्त 2023 तक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है। इस कार्यक्रमों के जरिए युवा पीढ़ी को शहीदों के बलिदान की गाथा सुनाई जाएगी और जानकारी दी जाएगी किस प्रकार अनेकों लोगों ने देश को आजाद करवाने के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। आज देश की युवा पीढ़ी को शहीदों की शहादत से प्रेरणा लेनी चाहिए और निस्वार्थ भाव से देश की सेवा करने के लिए आगे आना चाहिए।
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