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23 और 24 फरवरी की हड़ताल होगी ऐतिहासिक: एसकेएस : Strike Will Be Historic

Strike Will Be Historic

प्रभजीत सिंह लक्की, यमुनानगर:
Strike Will Be Historic : सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर 23-24 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल के संदर्भ में जिला प्रधान महिपाल सौदे की अध्यक्षता में सभी विभागीय यूनियनों के मुख्य पदाधिकारियों की एक सांझा जिला स्तरीय कन्वेंशन संघ कार्यालय दशहरा ग्राउंड में बुलाई गई।

प्रशासन की मिलीभगत से अत्याचार का विरोध Strike Will Be Historic

कन्वेंशन में मुख्य रूप से हड़ताल की तैयारियों जिला व सभी ब्लॉकों के कर्मचारियों के बीच जाकर हैंडबिल बांटने, निर्दोष पीटीआई ड्राइंग अध्यापकों के प्रशासन की मिलीभगत से हुए अत्याचार के विरोध आगामी रणनीति का ऐलान,हड़ताल का प्रचार करने के लिए शहर के मुख्य चौराहों व सड़कों पर बड़े होर्डिंग्स बोर्ड लगाने,आंगनवाड़ी वर्कर्स व हैल्पर्स,आशा वर्कर्स व स्वास्थ्य ठेका यूनियनों के आंदोलनों का समर्थन के साथ अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। जिसमे सभी विभागीय यूनियनों के पदाधिकारियों ने हड़ताल का जोर शोर से समर्थन किया।

इन लोगों ने रखी अपनी बात Strike Will Be Historic

कन्वेंशन में मुख्य तौर पर उपस्थित रिटायर्ड संघ के राज्य प्रधान व किसान सभा के जिला प्रधान जरनैल सिंह सांगवान,नगरपालिका राज्य महासचिव मांगे राम तिगरा,एसकेएस जिला सचिव गुलशन भारद्वाज ने पदाधिकारियों के बीच अपनी बात रखते हुए कहा सर्व कर्मचारी संघ सभी विभागों के नियमित व अनियमित सांझा मांग मुद्दों के लिए लंबे समय से आंदोलन कर रहा हैं।

इन मांगों को फिर दोहराया Strike Will Be Historic

उन्होंने बताया कि यह हड़ताल छंटनीग्रस्त कर्मचारियों और पुरानी पेंशन बहाली, लिपिक को पे-मैट्रिक्स लेवल 6 में 35,400 वेतन देने, ठेका प्रथा समाप्त करने, कच्चे कर्मियों को पक्का करने, पक्का होने तक समान काम समान वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान करने, खाली पड़े लाखों पदों को पक्की भर्ती से भर बेरोजगारों को रोजगार व जनता को बेहतर जन सुविधाएं प्रदान करने, जन सेवाओं के किए जा रहे निजीकरण पर रोक लगाने, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को कमजोर करने के प्रयासों पर रोक लगाने।

ग्रुप डी के कर्मियों को ग्रुप सी में पदोन्नति का कोटा 20 से बढ़कर 50 प्रतिशत और पांच साल बाद पदोन्नति के समय को कम करके 2 साल करने, नई भर्तियों में कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के बच्चों के 5 अंकों की कटौती करने की व्यवस्था की समीक्षा करने आदि मांगों को लेकर किया जा रहा है।
बताया कि भाजपा व जजपा के चुनाव घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन बहाली कच्चे कर्मियों को पक्का करने और पंजाब के समान वेतनमान एवं पेंशन देने का वादा किया गया था। जिसको पूरा नहीं किया गया।

इसके विपरित बिजली, जन स्वास्थ्य, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि जन सेवाओं का तेजी निजीकरण किया जा रहा है। खाली पड़े पदों को भरने और आवश्यक संसाधन मुहैया कराए बिना राईट टू सर्विस एक्ट लागू करके कर्मियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर हमला किया जा रहा है।

डीए के एरियर का भुगतान भी मांगा Strike Will Be Historic

उन्होंने कहा कि सरकार 16 महीने के डीए के एरियर का भुगतान नहीं कर रही है। एचआरए के स्लैब को बदलकर 9-16-24 करने को तैयार नहीं है। जनवरी, 2020 से जून, 2021 के बीच रिटायर हुए कर्मचारियों के डीए बहाली के अनुसार लीव एनकेशमेंट व ग्रेच्यूटी को रिवाइज नहीं किया जा रहा है।

पंजाब एवं हरियाणा सरकार अपने पेंशनर्स की पेंशन 65 वर्ष की उम्र पूरी करने पर हर पांच साल बाद पांच प्रतिशत पेंशन में बढ़ोतरी कर रही है, लेकिन हरियाणा सरकार यह वादा करके लागू नहीं कर रही है। टूरिज्म निगम,फायर ब्रिगेड, जन स्वास्थ्य आदि दर्जनों विभागों में समय पर वेतन तक नहीं मिल रहा है। जिसको लेकर प्रदेश के कर्मचारियों में कड़ी नाराजगी है।

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