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मेडिकल विभाग की टीम ने लिंग जांच करने के आरोप में डायग्नोस्टिक सेंटर पर की छापेमारी

इशिका ठाकुर,करनाल:
करनाल के क्लब मार्किट स्थित गुड हॉप्स डायग्नोस्टिक सेंटर पर मेडिकल विभाग की टीम ने लिंग जांच करने के आरोप में छापेमारी की है। जिसमें मेडिकल टीम ने जाल बिछा कर कैथल के रहने वाले दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपी डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए एक दलाल के रूप में काम करते थे। डिप्टी सीएमओ डॉक्टर शीनू चौधरी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के पास से 14 हजार नकद रुपए तथा एक बैग में भारी मात्रा में नींद की दवाइयां तथा अन्य दवाइयां बरामद की गई है। आरोपियों की लिंग जांच करवाने के लिए कुल 40 हजार रुपये में डील हुई थी। जिसे अंजाम देने के लिए यह आरोपी गुड होप डायग्नोस्टिक सेंटर में पहुंचे थे। जिन्हें मेडिकल टीम ने बस से जाते हुए अपनी गिरफ्त में ले लिया है। एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को लेकर वचनबद्ध है तो दूसरी ओर चंद पैसों के लालच में कुछ लोग पेट में ही भ्रूण की हत्या करने को अंजाम दे रहे हैं।

कैसे करवाते हैं दलाल लिंग की जांच

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पहले दलाल एक अच्छी खासी मोटी रकम लेकर लिंग जांच करवाने की डील करते हैं और उसके बाद लिंग जांच करवाने वाली संबंधित महिला को बिना नाम पता बताएं उस डायग्नोस्टिक सेंटर में लेकर जाते हैं जहां उनकी पहले से ही मिलीभगत होती है। उसके बाद दलाल सेंटर में रकम देकर लिंग जांच के लिए करवाने आए दंपति को सेंटर में छोड़कर और अपना हिस्सा लेकर वहां से चले जाते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डॉक्टर कोडवर्ड के रूप में लिंग के बारे में बात करते है। एक जानकारी के अनुसार यदि गर्भवती महिला के पेट में लड़की होती है तो उसे जय माता की बोल कर लड़की होने का इशारा दिया जाता है और यदि लड़का होता है तो गर्भवती महिला अथवा दंपत्ति को जय भोले कि बोलकर लड़का होने की सूचना दे दी जाती है।

पकड़ में कैसे आते हैं लिंग जांच करवाने वाले दलाल

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लिंग जांच को रोकने के लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं सरकार द्वारा सभी डायग्नोस्टिक सेंट्रो में लिंग जांच न करने बारे सूचना पट भी लगाया जाता है तथा इस संबंध में सेंटर में लगे सूचना पट पर कानूनी धाराओं को भी निर्देशित किया गया होता है। ऐसे में मेडिकल विभाग के अधिकारी एक टीम के रूप में काम करते हुए जाल बिछाते हैं और एक गर्भवती महिला को इन दलालों के संपर्क में लेकर आते हैं और उनके द्वारा तय किए गए रुपयों के नंबर अपने पास लिखकर पैसे संबंधित दलालों को सौंप दिए जाते हैं उसके बाद दलाल ऐसी गर्भवती महिला अथवा दंपत्ति को उस डायग्नोस्टिक सेंटर में भेज दिया जाता है जहां लिंग की जांच की जाती हो। उसके बाद मेडिकल विभाग के अधिकारी मौके पर ही संबंधित डॉक्टर तथा उसके दलाल को अपनी पकड़ में ले लेते हैं। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा लिंग जांच की सूचना देने वाले को 1 लाख रपए की राशि इनाम के रूप में भी दी जाती है तथा उसकी व्यक्तिगत जानकारी दी गुप्त रखी जाती है ताकि उसकी जान को किसी भी प्रकार का कोई खतरा न हो सके।

दंपत्ति क्यों करवाते हैं लिंग जांच

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बार-बार सरकार द्वारा निर्देश और दंड के प्रावधान के बाद भी अक्सर लोग लिंग जांच करवाते हुए पाए जाते हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है कि लिंग जांच वह दंपत्ति करवाते हैं जिनकी पहले से ही लड़की पैदा हुई होती है या फिर कुछ ऐसे दंपत्ति भी समाज में मौजूद हैं जो लड़की के पैदा होने को गलत समझते हैं और लड़के को वंशावली चलाने वाला मानते हुए कर समाज में लिंगानुपात को बढ़ावा देते हैं। जबकि आधुनिक समाज तथा कानून में लड़की तथा लड़के को समान रूप से अधिकार दिए गए हैं जिसके चलते लिंग जांच करवाना एक दंडनीय अपराध है।
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