Homeहरियाणाकरनालसंयुक्त जांच टीम की पार्क अस्पताल में छापेमारी

संयुक्त जांच टीम की पार्क अस्पताल में छापेमारी

  • टीम ने अस्पताल के ब्लड सेंटर पर गलत ब्लड ग्रुप का रक्त एक मरीज को देने के संदर्भ की छापेमारी
  • टीम ने जांच में बाधा करने, मारपीट करने इत्यादि के लिए ब्लड सेंटर के कर्मियों के खिलाफ दर्ज करवाई एफआईआर

प्रवीण वालिया, करनाल:
हरियाणा के एफडीए और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर करनाल स्थित पार्क अस्पताल के ब्लड सेंटर पर एफडीए हरियाणा ओर केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की संयुक्त टीम ने गलत ब्लड ग्रुप का रक्त एक मरीज को देने के संदर्भ की जांच हेतु छापा मारा। मरीज के परिजनों की शिकायत थी कि गलत खून की वजह से मरीज की मृत्यु हुई।

दो अस्पतालों में एक ही खून का ग्रुप अलग

एफडीए के एक प्रवक्ता ने बताया कि टीम में गुरुचरण सिंह एसडीसीओ करनाल तथा वरूण कुमार ड्रग कंट्रोल आॅफिसर, भारत सरकार शामिल थे। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में पाया गया कि मरीज कृष्ण देव को एक अगस्त को पार्क अस्पताल में दाखिल किया गया और उसका ब्लड ग्रंप एबी पॉजीटिव बताया गया। इस बारे टीम को अस्पताल से जरूरी दस्तावेज भी प्राप्त हुए, जिन्हें टीम की ओर से अपनी रिपोर्ट में लिखा गया है। जांच में पता चला कि अस्पताल ने एक अन्य रिपोर्ट बी पॉजीटिव रक्त ग्रुप होने के भी पुष्टि हुई थी। गौरतलब है कि मरीज की स्थिति खराब होने पर परिजनों ने उसे अमृतधारा अस्पताल में दाखिल करवाया। वहां भी डॉक्टरों की सलाह पर मरीज को रक्त देने की जरूरत बताई गई। अमृतधारा अस्पताल में मरीज का ब्लड ग्रुप बी पॉजीटिव बताया गया, जबकि पार्क अस्पताल ने एबी पॉजीटिव रक्त चढ़ाया गया।

शिकायत के बाद सुबूत जुटा रही थी टीमा

इस बारे में एफडीए हरियाणा एवं भारत सरकार की संयुक्त टीम ने पाया कि ब्लड सेंटर, पार्क अस्पताल ने एक रिपोर्ट बी पॉजीटिव की भी बनाई हुई थी जबकि उससे संबंधित रिकॉर्ड जैसा कि ब्लड सैंपल इत्यादि न दिखा सके जोकि नियमानुसार बनाना एवं जांच के दारान दिखाना जरूरी है। ऐसे ही दोनों ब्लड ग्रुप यानी एबी पॉजीटिव एवं बी पॉजीटिव दोनों मौके पर मिली। ब्लड सेंटर एवं अस्पताल प्रशासन ने जरूरी रिकार्ड को जांच टीम को न दिखाना यानि के सबूतों को नष्ट किया गया। टीम भी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए कागजाज/सुबुत जुटा रही थी।

अधिकारी से बदसलूकी का केस दर्ज

इधर, तैश में आकर अस्पताल के लोगों ने टीम के अधिकारी गुरचरण सिंह से कागजात और मोबाइल छीन लिया, मारपीट की, गाली-गलौच किया तथा जान से मारने की धमकी दी। टीम के इंचार्ज गुरचरण सिंह ने रमेश चन्द्र, याद राम, डॉ, विरेन्द्र सोबती, अशोक बेरवाल के खिलाफ मारपीट करने, मोबाइल छीनने व जान से मारने की धमकी देने बारे थाना सदर करनाल में एफआईआर दर्ज करवा दी है। प्रवक्ता ने बताया कि ब्लड सेंटर द्वारा अनियमितताएं करने के चलते टीम ने ड्रग एक्ट में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सभी कार्य बंद करने के तुरंत प्रभाव से आदेश दिये तथा ब्लड सेंटर में मौजूद रक्त एवं रक्त अवयव (ब्लड कंपोनेंटर) कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल के सुपर्द करने के आदेश दिये, ताकि उन्हें एक्पायर होने से बचाया जा सके।

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