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Freedom from atrocities achieved by the sacrifice of Gurus गुरूओं के बलिदान के कारण ही मुगलों के अत्याचारों से मिली मुक्ति: : मुख्यमंत्री मनोहर लाल

संत महात्माओं, गुरूओं के जीवन प्रकाश की गौरव गाथाओं को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना सरकार का दायित्व : मुख्यमंत्री मनोहर लाल

इशिका ठाकुर,करनाल:

Freedom from atrocities achieved by the sacrifice of Gurus: मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मुगल शासकों ने देशवासियों पर बड़े अत्याचार किए, इन अत्याचारों से मुक्ति दिलवाने में गुरूओं के बलिदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आजादी के 50-60 वर्ष बीत जाने के बाद भी विपक्ष की सरकारों ने गुरूओं के बलिदान, संत-महात्माओं व ऋषि-मुनियों की विचारधारा को युवा पीढ़ी तक नहीं पहुंचाया। लेकिन वर्तमान हरियाणा सरकार ने संत महापुरूष विचार प्रसार योजना चलाई है। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत महापुरूषों और गुरूओं की जयंती मनाने की एक परम्परा शुरू की है। उन्होंने गुरूओं के जीवन प्रकाश व बलिदानों की गौरव गाथा को आमजन तक पहुंचाने के लिए समाज के सहयोग से स्मारक, मार्शल आर्ट तथा संग्रहालय बनवाने की घोषणा की।

महापुरूषों व गुरूओं की जयंती मनाने का उद्देश्य उनकी विचारधारा को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना Freedom from atrocities achieved by the sacrifice of Gurus

Freedom from atrocities achieved by the sacrifice of Gurus

मुख्यमंत्री मनोहर लाल 24 अप्रैल को पानीपत में हिंद की चादर कहे जाने वाले गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाशोत्सव को धूमधाम से मनाने को लेकर अपने विधानसभा क्षेत्र में स्थापित डेरा कार सेवा कलंदरी गेट करनाल में एक बैठक में उपस्थित साध-संगत को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से सुझाव भी मांगे। उन्होंने कहा कि महापुरूषों व गुरूओं की जयंती मनाने का उद्देश्य उनकी विचारधारा को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना है ताकि युवाओं के अंदर भी समाज सेवा व राष्ट्रभक्ति की भावना पैदा हो सके।

उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने जिला व राज्य स्तर पर संत महात्माओं, गुरूओं व देशभक्तो की जयंती को मनाने की शुरूआत की है। इनमें महर्षि वाल्मीकि, संत रविदास, संत कबीरदास तथा संविधान निर्माता डा. भीम राव अम्बेेडकर की जयंती सरकारी तौर पर मनाई गई। इसी श्रृंख्ला में गुरू नानक देव जी की जयंती, गुरू गोबिंद जी का 350वां साला प्रकाश पर्व और अब हिंद की चादर गुरू तेग बहादुर साहिब जी का 400वां प्रकाश पर्व 24 अप्रैल को पानीपत में मनाया जा रहा है।

गुरू नानक देव के भक्ति मार्ग से समाज में चेतना आई Freedom from atrocities achieved by the sacrifice of Gurus

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मुख्यमंत्री ने कहा कि 500-600 साल के पहले इतिहास में जाएं तो लोग गुलामी की जिंदगी जीने को मजबूर थे, उनमें कोई जागृति व चेतना नहीं थी, लेकिन गुरू नानक देव के भक्ति मार्ग से समाज में एक चेतना आई और लोगों ने अत्याचार के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद करना शुरू किया। उन्होंने कहा कि जिसने भी गुरू तेग बहादुर साहिब जी, गुरू गोबिंद जी व उनके पुत्रों की जीवनी पढ़ी तो, उनका खून खौल उठता है। उस समय के मुगल शासकों ने कश्मीरी हिंदुओं को धर्म परिवर्तन करने के लिए मजबूर किया और कहा कि यदि अपना धर्म छोड़कर इस्लाम धर्म नहीं अपनाया तो मार दिए जाओगे। तब गुरू तेग बहादुर जी ने धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिया। उन्होंने बताया कि गुरू तेग बहादुर जी का अधिकांश समय हरियाणा में व्यतीत हुआ और उन्होंने अलग-अलग जगहों पर जाकर भक्ति के साथ-साथ शक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

गुरूओं द्वारा दिखाए मार्ग पर चलें युवा Freedom from atrocities achieved by the sacrifice of Gurus

बैठक में प्रदेश के खेल राज्य मंत्री संदीप सिंह ने गुरू तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व को पानीपत में मनाने को लेकर हुई बैठक में कहा कि युवा पीढ़ी को गुरूओं द्वारा दिखाए गए रास्ते को अपना कर इसे अपने जीवन में धारण करना होगा। युवा पीढ़ी को सशक्त बनाने में गुरूओं के उपदेश बहुत जरूरी हैं, क्योंकि आज का युवा जल्दी हार मान जाता है। महान पुरूषों की सीख से हम सभी को बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि पानीपत में 24 अप्रैल को आयोजित इस कार्यक्रम में सब लोग बड़ी शिद्दत के साथ और मर्यादा के साथ मनाएंगे। यह एक सभी की सांझी विरासत है। गुरूओं ने हिन्दुस्तान के लिए जो कुर्बानियां दी, उस कुर्बानी के बारे में पूरे देश के लोगों को बताना जरूरी है।

सिख कौम ने हमेशा बलिदान दिया: गौतम Freedom from atrocities achieved by the sacrifice of Gurus

बैठक में राज्यसभा सांसद दुष्यंत गौतम ने कहा कि सिख कौम ने हमेशा बलिदान दिया है, सिख कौम त्याग और बलिदान की मूर्ति है। गुरू गोबिंद सिंह द्वारा दिया गया बलिदान त्याग का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सिख कौम ने हमेशा माताओं व बहनों का सम्मान किया है और मानवता की भलाई के लिए काम किया है। इस अवसर पर करनाल के सांसद संजय भाटिया ने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाशोत्सव पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम पानीपत में 24 को मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 24 से पहले 23 अप्रैल को पानीपत में नगर कीर्तन निकलेगा। इसके अलावा 20 अप्रैल से गुरु तेग बहादुर जी के जीवन पर एक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोविंद सिंह जी की परंपरा तक कथा प्रदर्शित की जाएगी। इस अवसर पर गुरु तेग बहादुर जी की शीश यात्रा को भी दर्शाया जाएगा। पूरे प्रदेश में साउंड लाइट कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम में भाई बलविंदर सिंह रंगीला, भाई चिमन लाल भाई चिमन जीत सिंह सिंह जी तथा भाई दविंदर सिंह सहित अन्य रागी जत्थे आएंगे। इस अवसर पर दीवान सजाया जाएगा।

गुरूओं की कुर्बानियों को उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक फैलाना होगा Freedom from atrocities achieved by the sacrifice of Gurus

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस के रूप में घोषित कर गुरूओं का जिस प्रकार से मान रखा है। उससे पूरा भारतवर्ष गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने कहा कि गुरूओं द्वारा दी गई कुर्बानियों को उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक फैलाना होगा। आने वाली पीढ़ी को इसके बारे में जानकारी देनी होगी ताकि गुरूओं की शान हर व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आश्वस्त किया है कि जल्दी ही दिल्ली में लाल किले पर गुरू तेग बहादुर जी का प्रकाश पर्व मनाया जाएगा।

इन्होंने दिए अपने सुझाव Freedom from atrocities achieved by the sacrifice of Gurus

गुरू तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व को पानीपत में मनाए जा रहे कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर नगर निगम के पद्म श्री अवार्डी स. जगजीत सिंह दर्दी, संयुक्त निदेशक स. गगनदीप सिंह, पूर्व विधायक स. बख्शीश सिंह विर्क, स. टीटू सिंह, स. सरबजीत सिंह, जत्थेदार हरपाल सिंह, सेवादार गुलाब सिंह, स. योगी ने बहुमूल्य सुझाव दिए और कहा कि यह हम सबके लिए गौरव की बात है कि हरियाणा सरकार की ओर से गुरूओं के प्रकाश पर्व को मनाने की परम्परा शुरू की गई है।

यह रहे उपस्थित

इस अवसर पर डेरा कार सेवा के प्रमुख बाबा सुखा सिंह, घरौंडा के विधायक हरविन्द्र कल्याण, इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप, हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष गुरविन्द्र सिंह धमीजा, स. अमरेन्द्र सिंह, जिलाध्यक्ष योगेन्द्र राणा, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला, मेयर रेनू बाला गुप्ता, मीडिया कोर्डिनेटर जगमोहन आनंद, पूर्व मंत्री कृष्ण पंवार, स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र, पूर्व विधायक स. बख्शीश सिंह विर्क, भगवानदास कबीरपंथी, एससी मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अमरनाथ सौदा, हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के जिला प्रधान कृष्ण तनेजा, हरमीत सिंह हैप्पी, जेजेपी के जिलाध्यक्ष गुरदेव रम्बा, मीडिया प्रभारी यशकर्ण राणा, डा. अशोक, हरपाल कलामपुरा, नगर पार्षद, गुरूद्वारा प्रबंधक, धार्मिक-सामाजिक संगठनों के प्रधान तथा प्रशासन की ओर से उपायुक्त अनीश यादव व पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया उपस्थित रहे।

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